छोटा राजन की जमानत रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर छोटा राजन को बड़ा झटका देते हुए होटल व्यवसायी जया शेट्टी हत्याकांड (2001) में उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला सजा निलंबन के योग्य नहीं है। दरअसल, साल 2001 में मुंबई में होटल कारोबारी जया शेट्टी की हत्या उस वक्त कर दी गई थी, जब उन्होंने छोटा राजन गिरोह को ₹50,000 की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।
इस मामले में छोटा राजन पर हत्या और वसूली समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। वह 2015 तक फरार रहा और आखिरकार इंडोनेशिया से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। सीबीआई ने उसके खिलाफ विभिन्न मामलों की जांच शुरू की और कई अलग-अलग मामलों में ट्रायल चला। छोटा राजन पर हत्या, माफिया गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में मुकदमे दर्ज हैं।
उसे अब तक चार मामलों में सजा मिल चुकी है, और कुल 72 मामलों में से 48 मामलों में सीबीआई को उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। मई 2024 में सीबीआई कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में उसे सजा सुनाई थी, जिसे चुनौती देते हुए छोटा राजन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने जुलाई 2024 में उसकी सजा पर अस्थायी राहत देते हुए जमानत दे दी थी।
इसके खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, “चार मामलों में दोषी और 27 साल तक फरार रहने वाले व्यक्ति को राहत नहीं दी जा सकती।” कोर्ट ने यह भी कहा कि छोटा राजन को अब अपनी बाकी सजा जेल में रहकर पूरी करनी होगी। इस तरह, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय गैंगस्टर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।