विमल नेगी मौत केस में सीबीआई का बड़ा खुलासा: एएसआई पंकज ने सदर थाने में फॉर्मेट किया था पेन ड्राइव
शिमला/18/09/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश के चर्चित विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि शिमला पुलिस के एएसआई पंकज शर्मा ने 18 मार्च 2025 को उस समय महत्वपूर्ण सबूतों से छेड़छाड़ की, जब विमल नेगी की डेड बॉडी बरामद हुई थी। बताया जाता है कि सीबीआई की जांच के मुताबिक, उसी दिन पंकज ने थाने सदर में मौजूद कंप्यूटर पर नेगी की पेन ड्राइव को जानबूझकर फॉर्मेट कर दिया। माना जा रहा है कि यह कदम असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश के तहत उठाया गया। इस बात की पुष्टि उस CCTV फुटेज से भी होती है, जिसमें शर्मा सुबह 8 बजे से 8:20 बजे तक पेन ड्राइव से छेड़छाड़ करते दिखाई दे रहे हैं।
मामले में सोमवार को हुई सुनवाई में सीबीआई ने अदालत से पांच दिन का रिमांड मांगा था। सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपी से पूछताछ के लिए और समय चाहिए। हालांकि, अदालत ने फिलहाल केवल एक दिन का रिमांड मंजूर किया और सीबीआई को निर्देश दिया कि इस दौरान पूछताछ पूरी की जाए। इधर, आरोपी पंकज शर्मा ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया है, अदालत जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी और सीबीआई आगे के रिमांड की मांग भी रख सकती है।
पंकज शर्मा के वकील पीयूष वर्मा ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले सीबीआई ने स्वयं उच्च न्यायालय में कहा था कि शर्मा से पूछताछ की जरूरत नहीं है, फिर अब अचानक उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई? वर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इस पूरे षड्यंत्र में सिर्फ शर्मा से ही लगातार पूछताछ क्यों हो रही है, जबकि जांच में बाकी तीन लोगों का नाम भी सामने आ चुका है। उनका कहना है कि सीबीआई को उन लोगों से भी सख्ती से पूछताछ करनी चाहिए।
वहीं, आरोपी के परिजनों का दावा है कि पेन ड्राइव गलती से पंकज शर्मा की जेब में आ गई थी। लेकिन सीबीआई का मानना है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सोची-समझी साज़िश थी और आरोपी ने इसे जानबूझकर छुपाया।
इस मामले में पंकज शर्मा पर धारा 315, 288, 108, 61(2) और 305 के तहत केस दर्ज किया गया है। सीबीआई का कहना है कि इस षड्यंत्र में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं और आगे की जांच में और नाम सामने आ सकते हैं।
गौरतलब है कि विमल नेगी की पत्नी ने ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद ही यह केस सीबीआई को सौंपा गया। नेगी की मौत की परिस्थितियां अब भी रहस्यमय बनी हुई हैं और अब कोर्ट का अगला फैसला इस पूरे मामले में अहम मोड़ साबित हो सकता है।