एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में “FORENSCAPE: Exploring the Hidden Truths” थीम के साथ फॉरेंसिक साइंस डे का उत्सव
शिमला/18/09/2025
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस विभाग द्वारा फॉरेंसिक साइंस डे बड़े उत्साह और शैक्षणिक भावना के साथ मनाया गया। इस वर्ष का मुख्य विषय था — “FORENSCAPE: Exploring the Hidden Truths”, जिसका उद्देश्य छात्रों को फॉरेंसिक विज्ञान की बारीकियों से अवगत कराना और न्याय व्यवस्था में इसकी महत्ता को रेखांकित करना रहा।
शैक्षणिक और व्यवहारिक गतिविधियां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई रोचक और शिक्षाप्रद गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, फिंगरप्रिंटिंग बूथ, फॉरेंसिक सेल्फी बूथ और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इन गतिविधियों ने छात्रों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान किया और उनके सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से प्रयोग करने का अवसर दिया।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उनकी ऊर्जा और उत्साह ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और यह साबित किया कि फॉरेंसिक विज्ञान जैसे जटिल विषय में भी विद्यार्थी गहरी रुचि रखते हैं।
शिक्षकों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम की सफलता का श्रेय विभाग के समर्पित शिक्षकों — डॉ. अतुल कुमार दुबे, प्रकृति कौल, चंद्रिका शर्मा और कपिल वर्मा को जाता है। इन शिक्षकों ने पूरे आयोजन का समन्वयन और मार्गदर्शन किया तथा विद्यार्थियों को नई दिशा में सोचने और सीखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का महत्व
फॉरेंसिक साइंस डे का यह आयोजन शिक्षा और रचनात्मकता का अद्भुत संगम सिद्ध हुआ। इससे छात्रों को न केवल फॉरेंसिक विज्ञान की गहराइयों को समझने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें “छिपे हुए तथ्यों” को उजागर करने और समाज में न्याय सुनिश्चित करने में इस विज्ञान की भूमिका का भी बोध हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अनुसंधान और नवाचार की भावना को और अधिक प्रोत्साहित किया।