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हिमाचल में ब्यास नदी पर बिजली प्रोजेक्टों के नियम सख्त, हर परियोजना से पहले होगा असर का अध्ययन

शिमला/19/09/2025

BYAS

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियों पर जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर नियम कड़े करने का फैसला किया है। पिछले कुछ वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए अब नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

ऊर्जा निदेशालय के अनुसार, अब हर नई परियोजना से पहले उसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसमें नदी के प्रवाह, जल-जीवों, वनस्पति, स्थानीय आबादी के जीवनयापन और पर्यटन पर पड़ने वाले असर की गहराई से जांच होगी। पहले प्रोजेक्ट को उत्पादन क्षमता और तकनीकी आधार पर मंजूरी मिलती थी, लेकिन अब आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।

2022 से 2024 के सर्वेक्षण में पाया गया कि जहां ज्यादा प्रोजेक्ट बने हैं, वहां मछलियों की प्रजातियों में 28% तक कमी आई है। मानसून में अनियंत्रित पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ा है।

नई नीति के तहत “एक नदी, एक नीति” लागू होगी। यानी किसी भी नदी पर निर्धारित सीमा से अधिक प्रोजेक्ट नहीं बनेंगे। प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास मिलेगा तथा ग्रामीणों की राय के बिना मंजूरी नहीं दी जाएगी।

ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति ने कहा कि यह नीति प्रदेश के सतत विकास और आपदा प्रबंधन में सहायक साबित होगी। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन और पारदर्शिता के साथ ही आगे बढ़ेंगे।

यह निर्णय हिमाचल में जल विद्युत उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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