समाज को उन्नत करने में शिक्षा और कौशल दोनों जरूरी: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल
शिमला /19/09/2025
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि शिक्षा और कौशल को एक साथ जोड़कर ही समाज और राष्ट्र को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल विकास को अनिवार्य रूप से अपनाना होगा।
राज्यपाल शुक्ल शुक्रवार को शिमला में आयोजित तीन दिवसीय “एडुस्किल एच.आर. समिट 2025” के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस समिट में देशभर से आए कुलपति, प्रधानाचार्य, निदेशक, मानव संसाधन और कॉरपोरेट क्षेत्र के 100 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
शिक्षा और कौशल का गहरा संबंध
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, कौशल को गति देती है और कौशल, शिक्षा को विस्तार देता है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें जोड़कर ही समाज को उन्नत किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी युवा है, और इस जनसंख्या लाभ को असली शक्ति में बदलने के लिए यह आवश्यक है कि विद्यार्थी केवल शिक्षित ही न हों, बल्कि कुशल और रोजगार योग्य भी हों।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि विचारों में बड़ी शक्ति होती है और इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)। उन्होंने कहा कि आज का दौर पुरानी नींव और नए निर्माण का है, जिसमें एआई की अहम भूमिका है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इसका उपयोग सावधानीपूर्वक और जिम्मेदारी से करना होगा।
एडुस्किल्स फाउंडेशन की सराहना
राज्यपाल ने इस आयोजन को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम बताया और एडुस्किल्स फाउंडेशन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत की असली पूंजी उसके युवाओं का ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता है।
एडुस्किल्स फाउंडेशन द्वारा डिजिटल इंटर्नशिप, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर के लाखों विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की।
अन्य वक्ताओं के विचार
इस मौके पर विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. के.के. अग्रवाल, एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय के सलाहकार एवं राज्यसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव डॉ. राघब प्रसाद दाश ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह से पहले एडुस्किल्स फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ डॉ. शुभजीत जगदेव ने राज्यपाल का स्वागत किया और संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी।
इस तरह यह आयोजन शिक्षा और कौशल के समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ।