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भरतपुर: खेतौली प्राथमिक शाला में टीचर की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

भरतपुर/20/09/2025

MAHEDRGAD

भरतपुर विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खेतौली शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का शिकार हो रही है। यहां दो महिला शिक्षिकाएँ पदस्थ हैं, लेकिन बच्चों और स्थानीय सरपंच का आरोप है कि इनमें से एक शिक्षिका महीने में केवल 5 से 10 दिन ही स्कूल आती हैं और पूरी जिम्मेदारी एकमात्र शिक्षिका के कंधों पर है।

स्कूल के रजिस्टर के अनुसार यहां 47 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। छात्राओं साक्षी और प्रमिला ने बताया कि मैडम महीने में सिर्फ 4-5 दिन ही स्कूल आती हैं, जिस वजह से उनकी कक्षाएं ठीक से नहीं लग पातीं।

सरपंच बाबूलाल मरावी ने भी आरोप लगाया कि शिक्षिका कभी-कभार ही स्कूल आती हैं लेकिन उनका वेतन पूरा बनता है, जबकि बच्चे अक्सर मैदान में खेलते रहते हैं। दूसरी ओर शिक्षिका सुमनलता सिंह ने सफाई दी कि वे कभी-कभी जरूरी काम के चलते अनुपस्थित रहती हैं और पहले स्थिति जरूर खराब थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। वहीं, स्कूल में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षिका ने बताया कि चावल में झिल्ली और चमकीली परत मिली है, जिसकी शिकायत जनपद सदस्य, सीईओ और सरपंच को की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे ने कहा है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है बल्कि बच्चों के भविष्य पर भी गंभीर चिंता जताता है।

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