पंजाब में यूपी-बिहार के मजदूरों को लेकर विवाद, CM भगवंत मान ने दिया बड़ा बयान
चंडीगढ़ /21/09/2025
पंजाब में यूपी और बिहार से आए मजदूरों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। होशियारपुर जिले के करीब 20 सरपंचों ने घोषणा की है कि वे बाहरी राज्यों से आए लोगों को निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे। उनका तर्क है कि हाल ही में एक पांच वर्षीय बच्चे के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा कि देश के किसी भी हिस्से का नागरिक कहीं भी जाकर काम कर सकता है और रह सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब मेहनतकश लोगों की सरज़मीं है और यहां आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। मान ने गुस्से में दिए गए बयानों को स्थायी नहीं बताया और कहा कि इन्हें ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
सीएम मान ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “यदि हम दूसरे प्रदेशों के लोगों को निकालने की बात करेंगे, तो हमारे पंजाबियों को भी विदेशों में यही झेलना पड़ेगा। हमारे लोग कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन तक गए हैं। वहां भी अक्सर विरोध होता है कि ये लोग क्यों आए हैं और इन्हें बाहर निकालो। इसलिए किसी भी व्यक्ति को केवल उसकी जाति या प्रदेश के आधार पर नहीं देखा जा सकता।”
मुख्यमंत्री ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की वकालत करते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध को प्रदेश या जाति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मान ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी पंजाब में कश्मीरियों को सुरक्षा प्रदान की गई थी।
वहीं विपक्ष और भाजपा पर भी उन्होंने निशाना साधा। अपने एक विधायक पर लगे आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मान ने कहा कि हर बार केवल अच्छे लोगों का चयन करना आसान नहीं होता। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि, “पंजाब में भाजपा का अपना कोई नेता नहीं है। उनके पास कांग्रेस से आए हुए ही चेहरे हैं—रवनीत बिट्टू, अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और मनप्रीत बादल।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।