हिमाचल में निर्माण मजदूरों का श्रम कल्याण बोर्ड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
हमीरपुर/22/09/2025
हमीरपुर: हिमाचल भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) ने 22 सितंबर को श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य मुख्यालय हमीरपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंदर कुमार, राज्य महासचिव अमित कनैत, सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, श्रम कल्याण बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह, करतार चंद चौहान और सुषमा ने किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी है, तब से निर्माण मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाले लाभ रोक दिए गए हैं। मजदूरों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया में लगातार नई-नई औपचारिकताएं जोड़ी जा रही हैं, जिससे मजदूरों को नवीनीकरण कराने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। पिछले तीन-चार सालों से मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिला है, जबकि बोर्ड की बैठकों में कई बार आश्वासन दिए गए।
मजदूरों का गुस्सा और रैली
सुबह से प्रदेशभर से आए मजदूर हमीरपुर तहसील परिसर के बाहर एकत्रित हुए और फिर हमीरपुर बाजार में रैली निकालकर श्रम कल्याण बोर्ड कार्यालय का घेराव किया। मजदूरों ने बोर्ड और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुस्साए मजदूरों ने कुछ समय के लिए बोर्ड चेयरमैन का रास्ता भी रोक लिया और कहा कि वे अब सिर्फ कोरे आश्वासन नहीं सुनेंगे।
इस प्रदर्शन में लाहौल-स्पीति और किन्नौर से बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के मजदूर, चंबा, कुल्लू, शिमला और मंडी के हाइड्रो प्रोजेक्ट के मजदूर, मनरेगा मजदूर और गांव निर्माण मजदूर भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
नेताओं ने सरकार और बोर्ड पर साधा निशाना
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बोर्ड मजदूरों की जमा धनराशि का उपयोग मजदूरों के लाभ पर खर्च करने के बजाय गैर जरूरी भवनों, हॉस्टलों, प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों पर कर रहा है। यह मजदूरों के साथ सीधा अन्याय है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
चार साल से लंबित लाभ तुरंत जारी किए जाएं।
नवीनीकरण के लिए दो बार लेट फीस की शर्त हटाई जाए।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित मजदूरों को आर्थिक सहायता दी जाए।
बोर्ड में स्थाई सचिव की नियुक्ति की जाए, जो हमीरपुर कार्यालय से कार्य करे।
फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर मजदूरों के हित में धन का इस्तेमाल किया जाए।
चेतावनी
यूनियन ने श्रम कल्याण बोर्ड को दो माह का समय दिया है। यदि इस अवधि में मजदूरों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो हमीरपुर मुख्यालय के बाहर स्थाई मोर्चा लगाया जाएगा। यूनियन नेताओं ने साफ कहा कि आंदोलन और भी तीखा होगा और इसकी जिम्मेदारी बोर्ड अधिकारियों और सरकार की होगी।