हर्षवर्धन झूठ बोलकर सदन और जनता को गुमराह कर रहे : रणधीर शर्मा
शिमला/24/09/2025
शिमला : हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत पैकेज और केंद्र से मिली धनराशि को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा विधायक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री झूठ बोलकर न सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं बल्कि सदन और जनता को भी गुमराह कर रहे हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि हर्षवर्धन चौहान प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा कर रहे हैं कि पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने हिमाचल को मात्र 4253 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि दी है। जबकि विधानसभा में सरकार ने खुद जानकारी दी थी कि 2022 से 2025 के बीच ही राज्य को 3250 करोड़ रुपये आपदा राहत के तौर पर मिले। इसके अलावा 2023 की आपदा के लिए 2006 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी किया गया, जिसमें से 451 करोड़ 44 लाख रुपये की पहली किस्त प्रदेश को मिल चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि इस पैकेज को भी जोड़ा जाए तो कुल राशि 5250 करोड़ रुपये होती है। इसके अलावा सितंबर 2025 में केंद्र से एनडीआरएफ एडवांस के तहत 198 करोड़ और एनडीएमएफ एडवांस के रूप में 10 करोड़ रुपये मिले। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल दौरे के दौरान अलग से 1500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया। इन सबको मिलाकर सिर्फ नकद आपदा राहत राशि ही 7000 करोड़ रुपये के करीब बैठती है। ऐसे में मंत्री द्वारा मात्र 4350 करोड़ रुपये की बात करना गलत और भ्रामक है।
भाजपा विधायक ने विधानसभा में प्रस्तुत दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि 20 अगस्त 2025 को जयराम ठाकुर के प्रश्न (क्रमांक 3038) के जवाब में सरकार ने बताया था कि 2022 से 2025 के बीच हिमाचल को SDRF के तहत 1280 करोड़, SDMF से 320 करोड़, NDRF से 1639 करोड़ और NDMF से 9.45 करोड़ रुपये मिले। इसी अवधि में 2006 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज अलग से दिया गया। वहीं, 54,808 आपदा प्रभावितों को 307 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की गई।
रणधीर शर्मा ने यह भी कहा कि 19 दिसंबर 2024 को शीतकालीन सत्र के दौरान विपिन परमार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया था कि मात्र 1 साल 8 महीने में केंद्र ने हिमाचल को 23,566 करोड़ रुपये की राशि दी, जिसमें 2023-24 में 14,943 करोड़ और 2024-25 (नवंबर तक) 8623 करोड़ रुपये शामिल हैं। ऐसे आंकड़े खुद विधानसभा में पेश किए गए थे, फिर मंत्री हर्षवर्धन चौहान गलत जानकारी क्यों फैला रहे हैं?
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि आखिर मंत्री सदन में गलत बोले या प्रेस कॉन्फ्रेंस में? उन्होंने कहा कि हर्षवर्धन चौहान को अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए और केंद्र द्वारा दिए गए भरपूर सहयोग को नकारने के लिए जनता और सदन से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही जिन अधिकारियों ने उन्हें गलत आंकड़े दिए, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
इस बयानबाज़ी के बाद प्रदेश में सियासी तापमान और बढ़ गया है।