इटली ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को जल्द फाइनल करने का संकेत दिया
न्यूयॉर्क/26/09/2025
न्यूयॉर्क: इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा है कि उनकी सरकार भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का समर्थन करती है। यह घोषणा उन्होंने गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से न्यूयॉर्क में मुलाकात के बाद की।
तजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “मैंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्षण के लिए इटली के समर्थन की पुष्टि की।” उन्होंने कहा कि भारत और इटली राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर रणनीतिक साझेदार हैं और आने वाले महीनों में भारत की अगली यात्रा से इस साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत उनके 'पियानो एक्सपोर्ट' (निर्यात योजना) का प्राथमिकता वाला देश है। इसी कारण उन्होंने भारतीय प्रतिबद्धताओं के लिए 500 मिलियन यूरो का प्रावधान किया है, जिससे इटली की निर्यातक कंपनियों को समर्थन मिलेगा।
भारत और इटली के बीच आर्थिक रिश्ते पिछले वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा सहयोग, डिजिटल नवाचार और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। अब एफटीए को लेकर इटली का खुला समर्थन इस साझेदारी को और गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी एक्स पर लिखा कि बैठक में भूमध्यसागर, मध्य पूर्व, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की ताज़ा स्थिति पर चर्चा हुई। साथ ही भारत-इटली के द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
गुरुवार को जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग, ग्वाटेमाला के कार्लोस रामिरो मार्टिनेज, मिस्र के बद्र अब्देलअत्ती, मलेशिया के मोहम्मद हाजी हसन, कोस्टा रिका के अर्नोल्डो आंद्रे और पनामा के जैवियर मार्टिनेज-आचा वास्केज़ से भी मुलाकात की।
इसके अलावा, जयशंकर ने ब्रिटेन की नई विदेश मंत्री यवेट कूपर से भी मुलाकात की और भारत-यूके विज़न 2035 पर चर्चा की। इस योजना के तहत अगले दस वर्षों में रक्षा सहयोग, रोजगार सृजन, अत्याधुनिक तकनीक और शिक्षा साझेदारी जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह विज़न दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापारिक समझौते (CETA) को भी आगे बढ़ाता है।