मिग-21 विमानों का विदाई समारोह: राजनाथ बोले- ऐतिहासिक मिशनों ने बढ़ाया तिरंगे का सम्मान
नई दिल्ली/26/09/2025
भारतीय वायुसेना में करीब 63 वर्षों तक सेवा देने के बाद मिग-21 विमान आज शुक्रवार को रिटायर हो गए। विदाई समारोह चंडीगढ़ में आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सीएनएस एडमिरल दिनेश और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मौजूद थे।
सेवानिवृत्त मिग-21 को पानी की तोपों से सलामी दी गई और इसके पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने विमान की अंतिम उड़ान भरी। मिग-21 को 1963 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और 63 वर्षों की सेवा के बाद आज इसे सेवामुक्त किया गया।
विदाई समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 अनेक वीरतापूर्ण मिशनों का साक्षी रहा है। 1971 के युद्ध, कारगिल संघर्ष, बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशनों में मिग-21 ने भारतीय सशस्त्र बलों को जबरदस्त ताकत प्रदान की। राजनाथ सिंह ने कहा, "मिग-21 महज एक विमान नहीं है, यह भारत-रूस संबंधों का प्रतीक है। हर ऐतिहासिक मिशन में इसने तिरंगे का सम्मान बढ़ाया है।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर रक्षा मंत्री ने लिखा कि छह दशकों तक सेवा देने के बाद प्रतिष्ठित मिग-21 अब सेवानिवृत्त हो रहा है और यह अपने पीछे बेजोड़ सेवा और विरासत का रिकॉर्ड छोड़ गया है। मिग-21 भारतीय वायु सेना की रीढ़ के रूप में जाना जाता है और कई लड़ाकू पायलटों की पीढ़ियों को प्रशिक्षित कर चुका है।
विदाई समारोह से पहले चंडीगढ़ एयर बेस पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई, जिसमें मिग-21 विमानों ने बादल और पैंथर फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए अद्भुत करतब दिखाए। एयर वॉरियर्स ड्रिल, सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और आकाश गंगा टीम द्वारा पैरा-लैंडिंग भी प्रदर्शित की गई। रिहर्सल के समापन पर औपचारिक वाटर-कैनन सलामी दी गई।
मिग-21 विमानों ने 1971 में ढाका स्थित राज्यपाल के आवास पर हमला कर पाकिस्तान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया था। इसके बाद F-104 से लेकर 2019 में F-16 तक कई दुश्मन विमान भी मार गिराए गए। मिग-21 भारतीय वायुसेना के सबसे युद्ध-परीक्षणित जेट विमानों में से एक माना जाता है और इसके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।