क्यूएफएक्स घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, नवाब हसन गिरफ्तार
शिमला। देशभर में फैले बहुचर्चित क्यूएफएक्स/वाईएफएक्स/चॉइन लेटफॉर्म निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य आरोपी नवाब हसन को गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को नौ दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
ईडी की जांच में सामने आया है कि नवाब हसन “ब्लू डायमंड एजुकेटिव” के रैक पर काम कर रहा था और ऑनलाइन निवेश जुटाकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। आम लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टो करेंसी में भारी मुनाफे का झांसा देकर यह घोटाला अंजाम दिया गया।
जांच में अब तक हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और एमपी-यूपी में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। ईडी ने 185 बैंक खातों में जमा 391 करोड़ रुपये की राशि भी अटैच की है।
जूम ऐप पर होती थीं मीटिंग्स
ईडी के अधिकारियों के अनुसार नवाब हसन दुबई के मास्टरमाइंड शब्बीर चौधरी से जुड़ा हुआ था और बार-बार ऑनलाइन मीटिंग्स करता था। नए निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए वीडियो कॉल्स की जाती थीं।
इन कंपनियों के नाम पर खाते
क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड, एमएन बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, कटर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों के जरिए लेन-देन किया जा रहा था।
पुलिस ने जब्त की करोड़ों की संपत्ति
17 सितंबर को ईडी ने टॉप एजेंट हरिदास सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसकी पूछताछ में नवाब हसन का नाम सामने आया। अब तक 26 संपत्तियों को सीज किया जा चुका है, जिनकी कीमत 94.23 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ईडी का अभियान लगातार जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।