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नए भारत में जातिवाद कायम: शिमला में 12 वर्षीय बच्चे की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा

शिमला/29/09/2025

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शिमला के रोहड़ू क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्चे की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक बच्चे की मां ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि गांव की तीन महिलाओं ने उसके बेटे को बेरहमी से पीटा और गौशाला में बंद कर दिया। मां का कहना है कि यह सब केवल इसलिए हुआ क्योंकि बच्चा अनुसूचित जाति से संबंधित था और उसने उनके घर को छुआ था।

घटना का विवरण

यह घटना लिस थाना रोहड़ू के तहत आने वाली उपतहसील जांगला के लिंबड़ा गांव की है। बच्चे के पिता बिट्टू ने 20 सितंबर को पुलिस थाना चिड़गांव में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 16 सितंबर की शाम करीब 7.30 बजे जब वह घर पहुंचे तो अपने 12 वर्षीय बेटे को बेहोशी की हालत में सोते हुए पाए। तुरंत उसे नागरिक अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया, जहां से उसे आइजीएमसी शिमला रेफर किया गया।

आइजीएमसी शिमला में इलाज के दौरान 17 सितंबर को बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल में पता चला कि बच्चे ने जहर निगला था। परिजनों के अनुसार बच्चे ने अपनी मां सीता देवी को बताया कि 16 सितंबर को गांव की एक महिला पुष्पा देवी और दो अन्य महिलाओं ने मिलकर उसे पीटा और गौशाला में बंद कर दिया। इस कारण उसने जहर खा लिया।

मां के बयान के बाद दर्ज हुआ मामला

मां के बयान के आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। महिला पुष्पा देवी ने बच्चे को इस लिए गौशाला में बंद किया था क्योंकि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता था और उसने उनका घर छुआ था। पुलिस अनुसूचित जाति अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

एसडीपीओ रोहड़ू प्रणव चौहान ने बताया कि मामले की जांच जारी है। तीनों महिलाओं ने अग्रिम जमानत ले ली है। डीएसपी रोहड़ू मामले की आगे की पड़ताल कर रहे हैं और सभी पहलुओं का विवरण एकत्रित कर रहे हैं।

यह मामला न केवल कानून की दृष्टि से बल्कि समाज में जातिवाद की जड़ें उजागर करने वाला है। अनुसूचित जाति के बच्चे को घर को छूने के लिए बेरहमी से पीटना और मानसिक यातना देना अत्यंत चिंताजनक है।

संक्षेप:

12 वर्षीय बच्चा रोहड़ू के लिंबड़ा गांव में आत्महत्या।

मां के अनुसार तीन महिलाओं ने उसे पीटा और गौशाला में बंद किया।

घटना का कारण: बच्चा अनुसूचित जाति से संबंधित और घर को छूना।

एससी-एसटी अधिनियम और आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज।

तीनों आरोपी महिलाओं ने अग्रिम जमानत ली।

डीएसपी रोहड़ू द्वारा आगे जांच जारी।

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