NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

लेह में हिंसक प्रदर्शन के बाद लागू हुआ धारा 163, जुलूस और रैलियों पर रोक

लेह /29/09/2025

lehh

लेह, लद्दाख: 24 सितंबर को लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हो गई और लगभग 90 लोग घायल हुए। प्रदर्शन के दौरान कुल 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक पहले भूख हड़ताल पर थे, जिसे उन्होंने हिंसा भड़कने के बाद समाप्त कर दिया।

इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे लेह में धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत कहीं भी पांच या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना प्रतिबंधित है। इसके अलावा प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी जुलूस, रैली या मार्च की अनुमति नहीं है। क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों की व्यापक तैनाती की गई है।

संविधान की छठी अनुसूची की मांग

विरोध प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। संविधान की छठी अनुसूची में अनुच्छेद 244(2) और 275(1) शामिल हैं, जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

जेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि यह आंदोलन पांच साल के धोखे और अधूरे वादों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार वही लोग हैं, जिन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान जश्न मनाया और प्रदर्शनकारियों का इस्तेमाल किया।

सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई

वांगचुक को प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया और वह फिलहाल जोधपुर जेल, राजस्थान में बंद हैं। प्रशासन ने हिंसा रोकने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे लेह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।

Scroll to Top