NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

हिमाचल में पहली बार पाई गई पल्लास बिल्ली ,बर्फानी तेंदुओं की संख्या बढ़कर 83

हिमाचल/03/10/2025

palaash cat

हिमाचल प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश में पहली बार पल्लास बिल्ली और उड़ने वाली गिलहरी की मौजूदगी दर्ज की गई है। साथ ही, प्रदेश में बर्फानी तेंदुओं की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। यह जानकारी 74वें वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अमिताभ गौतम ने दी।

गौतम ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बर्फानी तेंदुओं पर किए गए अध्ययन में यह आंकड़े सामने आए। यह अध्ययन वन्यजीव विंग और नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन (NCF), बेंगलुरु के सहयोग से किया गया। इसमें प्रदेश के 26,112 वर्ग किलोमीटर ऊँचाई वाले भूभाग को शामिल किया गया।

नई प्रजातियों की खोज

वन विभाग ने पुष्टि की कि प्रदेश में पहली बार पल्लास कैट (Pallas Cat) और फ्लाइंग स्क्विरल (उड़ने वाली गिलहरी) पाई गई हैं। यह खोज पश्चिमी हिमालय की पारिस्थितिकी के अध्ययन के लिए बेहद अहम है।

बर्फानी तेंदुए की स्थिति

हिमाचल में बर्फानी तेंदुओं की संख्या 83 पहुँची।

पहले (2021) के मुकाबले इनकी संख्या में इजाफा हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी आवास का नुकसान, जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियाँ इनके अस्तित्व के लिए खतरा हैं।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता

गौतम ने बताया कि स्पीति का शीत मरुस्थल क्षेत्र हाल ही में यूनेस्को के मैन एंड बायोस्फेयर रिज़र्व नेटवर्क में शामिल हुआ है। यह प्रदेश की पारिस्थितिकी की वैश्विक पहचान है।

वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रम

2 से 8 अक्तूबर तक चलने वाले वन्यजीव सप्ताह में अनेक कार्यक्रम होंगे –

पेंटिंग, निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिता

डिबेट व फोटोग्राफी कार्यक्रम

छोटी पैदल यात्रा और बर्ड वॉचिंग

गौतम ने अधिकारियों से कहा कि इस सप्ताह को विद्यालयों, महिला मंडलों, पंचायतों और सरकारी विभागों के सहयोग से मनाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों।

हिमाचल में पल्लास बिल्ली और उड़ने वाली गिलहरी का मिलना वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐतिहासिक खोज है। साथ ही, बर्फानी तेंदुओं की संख्या बढ़ना इस बात का संकेत है कि संरक्षण प्रयास सफल हो रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रजातियों की रक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और सतत प्रयास बेहद जरूरी हैं।

Scroll to Top