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भारत ने पीओके में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता पर जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली/04/10/2025

jayswal

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सेनाओं द्वारा किए जा रहे अत्याचारों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे और बेगुनाह नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना की क्रूरता की खबरें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्दोष लोगों पर जानबूझकर की गई बर्बरता पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों और अवैध कब्जे का परिणाम है।

मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार

रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को अपनी भयावह मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीओके के हालात पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों और उन क्षेत्रों के संसाधनों की प्रणालीगत लूट का परिणाम हैं, जिन पर उसने जबरन कब्जा किया हुआ है। भारत ने यह भी कहा कि पीओके में बेगुनाह लोगों को निशाना बनाने वाली हर कार्रवाई पूरी तरह अमानवीय और अस्वीकार्य है।

बांग्लादेश सरकार के झूठे आरोपों का खंडन

विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की अतरिम सरकार के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें भारत को खगराछारी और चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स में फैली अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई थी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। उन्होंने बांग्लादेश सरकार को चेताया कि वह अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भारत पर दोष न डाले।

बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की विफलता

जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और यह जांच करनी चाहिए कि स्थानीय उग्रवादी अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले, आगजनी और जमीन कब्जाने जैसी घटनाएं कैसे हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत पर आरोप लगाकर अपनी आंतरिक समस्याओं का बोझ डालने की कोशिश कर रहा है, जबकि सच्चाई अब पूरी दुनिया के सामने है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि भारत न केवल पीओके में पाकिस्तानी अत्याचारों के खिलाफ अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कर रहा है, बल्कि बांग्लादेश जैसी पड़ोसी सरकारों के झूठे आरोपों का भी पूरी तरह खंडन कर रहा है। भारत ने दोहराया कि किसी भी पड़ोसी देश की आंतरिक नीतियों की वजह से बेगुनाह नागरिकों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

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