हिमाचल में लगेंगे 37 नए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम – सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था होगी और मजबूत
शिमला/04/10/2025
हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। अब प्रदेश के 37 नए स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाए जा रहे हैं। इन नए सिस्टम के लगने के बाद प्रदेश में आईटीएमएस की कुल संख्या बढ़कर 101 हो जाएगी। वर्तमान में 64 आईटीएमएस पहले से कार्यरत हैं और अब 37 और जुड़ने से ट्रैफिक नियंत्रण और सख्त होगा।
आईटीएमएस लगाने का मकसद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर नज़र रखना और तुरंत कार्रवाई करना है। ये सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं और सीधे जिलों के एसपी कार्यालयों में बने कंट्रोल रूम से संचालित होंगे। आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से लेकर 30 सितंबर 2025 तक केवल आईटीएमएस के जरिए 6 लाख 36 हजार 300 चालकों के चालान किए गए हैं। इससे साफ है कि बिगड़ैल चालकों पर इस तकनीक का शिकंजा कस रहा है और यातायात व्यवस्था बेहतर हो रही है।
जिलों में आईटीएमएस की स्थिति
प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन सिस्टम का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मंडी जिला: सबसे ज्यादा 12 आईटीएमएस, जिनमें से 11 चालू और 1 इंस्टॉलेशन पर है।
कांगड़ा जिला: 11 आईटीएमएस, जिनमें से 8 चालू और 3 इंस्टॉलेशन पर।
ऊना जिला: 11 आईटीएमएस, जिनमें से 8 चालू और 3 इंस्टॉलेशन पर।
सिरमौर जिला: 10 आईटीएमएस, जिनमें से 3 चालू और 7 इंस्टॉलेशन पर।
बिलासपुर जिला: 8 आईटीएमएस, जिनमें से 7 चालू और 1 इंस्टॉलेशन पर।
कुल्लू जिला: 7 आईटीएमएस, जिनमें से 5 चालू और 2 इंस्टॉलेशन पर।
शिमला जिला: 7 आईटीएमएस, जिनमें से 3 चालू और 4 इंस्टॉलेशन पर।
चंबा जिला: 6 आईटीएमएस, जिनमें से 3 चालू और 3 इंस्टॉलेशन पर।
सोलन जिला: 6 आईटीएमएस, जिनमें से 4 चालू और 2 इंस्टॉलेशन पर।
हमीरपुर जिला: 5 आईटीएमएस, जिनमें से 1 चालू और 4 इंस्टॉलेशन पर।
किन्नौर जिला: 3 आईटीएमएस, जिनमें से 1 चालू और 2 इंस्टॉलेशन पर।
लाहौल-स्पीति जिला: 3 नए आईटीएमएस लगाए जा रहे हैं।
पुलिस जिला बद्दी: 10 आईटीएमएस, जिनमें से 5 चालू और 5 इंस्टॉलेशन पर।
पुलिस जिला देहरा और नूरपुर: एक-एक आईटीएमएस स्थापित किया गया है।
असर और महत्व
प्रदेश में आईटीएमएस के विस्तार से ट्रैफिक व्यवस्था और भी मजबूत होगी। नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। स्मार्ट कैमरों और ऑटोमैटिक चालान व्यवस्था से चालकों की जवाबदेही बढ़ेगी और यातायात अनुशासन में सुधार होगा।
यह कदम हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को नई दिशा देगा और आने वाले समय में राज्य को "स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट" वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल करेगा।