सरोहल गांव में पंचायती राज चुनाव का बहिष्कार: 45 साल से विकास और आरक्षण की मांग अनसुनी
हमीरपुर/04/10/2025
हमीरपुर। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सरोहल गांव में पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीणों का रोष चरम पर है। गांववासियों ने आगामी पंचायती राज चुनावों का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि पिछले 45 वर्षों से पंचायत में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षण नहीं हुआ और विकास कार्यों में लगातार उपेक्षा की जा रही है।
ग्रामीणों ने कुछ समय पहले ही उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। सरोहल गांव में लगभग 45 एससी परिवार रहते हैं, जिनके लगभग 160 वोट हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है। इस वजह से गांववासियों में नाराजगी बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी प्यार चंद ने बताया कि गांव की सड़क की हालत खस्ता है और पिछले पांच साल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल से महिला प्रधान पद पर रही हैं, इसलिए इस बार पंचायत को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए, नहीं तो ग्रामीण चुनाव बहिष्कार करेंगे।
स्थानीय निवासी दीप कुमार ने बताया कि बरसात के समय से ल्हासे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत या सफाई का कोई काम नहीं हुआ और पंचायत में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी कारण रोजाना गांववासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी विक्रम ने भी कहा कि साल 1980 में पंचायत गठन के बाद से अब तक एससी वर्ग के लिए आरक्षण नहीं हुआ। उनका कहना है कि इस बार यदि मांग पूरी नहीं होती है, तो लोग चुनाव में अपने वोट का प्रयोग नहीं करेंगे।
स्थानीय महिला कांता देवी ने कहा कि गांव में सड़क, जल आपूर्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विकास कार्य नहीं किए गए, तो आगामी चुनाव में ग्रामीण किसी भी प्रत्याशी को वोट नहीं देंगे।
सरोहल गांव के लोगों का यह बहिष्कार पंचायत और प्रशासन के लिए एक सतर्कता संदेश है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि एससी वर्ग के लिए आरक्षण और बुनियादी विकास कार्य किए बिना आगामी चुनावों में उनका सहयोग नहीं मिलेगा।