उत्तराखंड के सतोपंथ ट्रेक में एक ट्रेकर की मौत, अन्य ट्रेकर्स का सकुशल रेस्क्यू
चमोली/04/10/2025
चमोली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम से आगे सतोपंथ ट्रेक मार्ग पर फंसे ट्रेकर्स का एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) ने रेस्क्यू कर लिया है, लेकिन इस दौरान एक ट्रेकर की मौत हो गई। घटना बीती 3 अक्टूबर की है, जब बदरीनाथ थाने को सूचना मिली कि वसुधारा से लगभग 4 किलोमीटर आगे लक्ष्मीवन क्षेत्र में 12 सदस्यीय ट्रेकिंग दल फंसा हुआ है। इनमें से एक ट्रेकर की तबीयत गंभीर थी। यह क्षेत्र समुद्र तल से 4000-4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम, उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में आवश्यक उपकरण और सैटेलाइट फोन के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। जानकारी के अनुसार, 12 ट्रेकरों में से 6 पहले ही माणा गांव पहुँच चुके थे, जबकि बाकी सतोपंथ क्षेत्र में फंसे थे। एक ट्रेकर की तबीयत बिगड़ने के कारण बाकी ट्रेकर्स उसे नीचे नहीं ला पाए और पुलिस को मदद के लिए सूचना दी।
एसडीआरएफ की टीम ने दुर्गम और खतरनाक मार्गों से होकर रेस्क्यू किया। सतोपंथ क्षेत्र से मृतक ट्रेकर सुमंता दा, पुत्र सुसांता दा, निवासी बराड्रोन, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल का शव बरामद किया और स्ट्रेचर के माध्यम से लक्ष्मीवन और फिर माणा गांव तक सुरक्षित पहुँचाया। बाकी ट्रेकर्स को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
इस दौरान, वासुकी ताल ट्रेक से भटके एक युवक जय प्रकाश (हरियाणा) का भी रात के समय एसडीआरएफ ने सकुशल रेस्क्यू किया। युवक अपने साथियों के साथ ट्रेक पर गया था और रास्ता भटक जाने के कारण देर रात तक वापस नहीं लौटा।
एसडीआरएफ की तत्परता और साहसिक प्रयासों से कई ट्रेकर्स की जान बचाई गई, लेकिन सतोपंथ ट्रेक की चुनौतीपूर्ण ऊंचाई और विषम परिस्थितियों ने एक जीवन लेने की त्रासदी भी सामने लाई।