एमपी में 9 बच्चों की किडनी फेल से मौत, हिमाचल में अलर्ट जारी — ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी ने शुरू की जांच
नेक्सा डीएस सिरप का उत्पादन रोका गया
शिमला/05/10/2025
शिमला : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से आई दिल दहला देने वाली खबर के बाद हिमाचल प्रदेश की दवा नियामक एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में बीते कुछ दिनों के दौरान 9 बच्चों की किडनी फेल होने से मौत के बाद अब मामला गंभीर हो गया है। बताया जा रहा है कि बच्चों को जो कफ सिरप दिया गया था, उसमें जहरीले कैमिकल की मिलावट पाई गई है।
एमपी सरकार ने हिमाचल और तमिलनाडु को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना की प्रारंभिक जांच के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्य ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी को पत्र भेजा है। पत्र में दो कफ सिरप — कोल्ड्रिफ और नेक्सा डीएस सिरप — की प्रयोगशाला जांच करवाने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु में बनता है, जबकि नेक्सा डीएस सिरप हिमाचल प्रदेश में तैयार किया जाता है। एहतियात के तौर पर हिमाचल में नेक्सा डीएस सिरप का उत्पादन तुरंत रोक दिया गया है।
कैसे हुआ हादसा
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में 7 सितंबर से अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक बच्चों को पहले बुखार और जुकाम हुआ था, जिसके इलाज के लिए डॉक्टरों ने खांसी का सिरप दिया। सिरप लेने के बाद बच्चों को किडनी इंफेक्शन की शिकायत हुई और उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
कई बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और फिर उन्हें नागपुर रेफर किया गया, लेकिन सभी की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
जहरीले कैमिकल की मिलावट से बढ़ा खतरा
जांच में सामने आया है कि बच्चों को दिए गए सिरप में एथिलीन ग्लाइकॉल और डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले रसायन मिले थे। ये रसायन आमतौर पर वाहनों के कूलेंट और एंटी-फ्रीज प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन रसायनों की थोड़ी सी मात्रा भी किडनी और दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
इसी कारण, एमपी सरकार ने दोनों राज्यों — तमिलनाडु और हिमाचल — को पत्र लिखकर संबंधित सिरप के उत्पादन पर रोक लगाने और उनके सैंपल की जांच करवाने को कहा है।
हिमाचल की ड्रग अथॉरिटी सतर्क
हिमाचल प्रदेश की ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ फार्मा कंपनियों की पहचान की है, जिन्होंने दवाएं मध्य प्रदेश को सप्लाई की थीं। इसके अलावा, नेक्सा डीएस सिरप का उत्पादन सावधानीपूर्वक निलंबित कर दिया गया है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जैसे ही एमपी सरकार का पत्र मिला, हिमाचल की टीम सक्रिय हो गई। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और अथॉरिटी सीडीएससीओ (केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन) के साथ मिलकर दवाओं की जांच कर रही है।
फिलहाल 13 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने का इंतजार है।
अभी साफ नहीं, किस सिरप से गई बच्चों की जान
हालांकि जांच जारी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों की मौत किस कंपनी के सिरप से हुई है। एमपी सरकार की रिपोर्ट आने के बाद ही पुख्ता जानकारी मिलेगी।
हिमाचल की ड्रग अथॉरिटी ने कहा है कि अगर जांच में हिमाचल निर्मित किसी दवा की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
छिंदवाड़ा (एमपी) में 9 बच्चों की किडनी फेल से मौत
एमपी सरकार ने हिमाचल और तमिलनाडु सरकारों को भेजा पत्र
दो कफ सिरप – कोल्ड्रिफ और नेक्सा डीएस जांच के घेरे में
हिमाचल में नेक्सा डीएस सिरप का उत्पादन रोका गया
जहरीला कैमिकल एथिलीन ग्लाइकॉल और डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जांच में शामिल
13 सैंपल जांच के लिए भेजे गए