जापान में देर रात 6.0 तीव्रता का भूकंप, लोगों में मची अफरा-तफरी,जानमाल का नुकसान नहीं
टोक्यो/05/10/2025
टोक्यो: जापान में शनिवार देर रात धरती ने जोरदार करवट ली जब 6.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जापान के होन्शू द्वीप के पूर्वी तट के पास, जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में था। झटके इतने तेज थे कि प्रभावित इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने स्पष्ट किया कि इस आपदा के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। फिर भी कई इलाकों में एहतियातन सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं। जापान भूकंपीय दृष्टि से दुनिया के सबसे सक्रिय क्षेत्रों में से एक है। यह देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” नामक क्षेत्र पर स्थित है, जहाँ ज्वालामुखीय और भूकंपीय गतिविधियाँ आम हैं।
जापान में भूकंपों को मापने के लिए आम तौर पर “शिंदो पैमाने” का उपयोग किया जाता है, जो किसी स्थान पर भूकंप की तीव्रता को मापता है। इस पैमाने पर शून्य से सात तक के स्तर होते हैं — जहाँ “शून्य” मामूली और “सात” अत्यंत गंभीर भूकंप को दर्शाता है। शिंदो पाँच और छह तीव्रता वाले भूकंपों में फर्नीचर हिलने, दीवारों की दरारें और लकड़ी की इमारतों को नुकसान तक की संभावना रहती है।
हालांकि, इस बार आए भूकंप के कारण किसी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद सभी आवश्यक आपात सेवाएँ सक्रिय कर दी गई हैं और हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि जापान में भूकंप कोई नई बात नहीं है। पिछले वर्षों में यहाँ कई बड़े भूकंप आ चुके हैं, जैसे 2011 का तोहोकू भूकंप, जिसने विनाशकारी सुनामी को जन्म दिया था, और 2024 का नोटो भूकंप, जिसने देश के उत्तरी क्षेत्रों में तबाही मचाई थी।
फिलहाल, जापान एक बार फिर यह साबित करता दिखा कि आधुनिक तकनीक और तैयारियों के बावजूद, प्रकृति की ताकत के आगे इंसान को सतर्क रहना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।