सरकार ने शुरू किया अभियान: बैंकों में पड़ी ₹1.84 लाख करोड़ की अनक्लेम्ड रकम लौटाने का ऐलान
गांधीनगर/05/10/2025
गांधीनगर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को गांधीनगर में घोषणा करते हुए बताया कि बैंकों और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में लगभग ₹1.84 लाख करोड़ की अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स सुरक्षित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार इसे सही मालिकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से तीन महीने के विशेष अभियान ‘अपकी पूंजी, आपका अधिकार’ की शुरुआत की गई है, जिसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों को जागरूक करना और उन्हें उनके पैसे का दावा करने में मदद करना है।
अनक्लेम्ड एसेट्स और उनका महत्व
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अनक्लेम्ड रकम केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई है। इनमें बैंकों में पड़ी जमा राशि, इंश्योरेंस क्लेम, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड बैलेंस और पेंशन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार है।
क्लेम की प्रक्रिया
सीतारमण ने बताया कि अनक्लेम्ड फंड्स का ट्रांसफर उनकी प्रकृति के आधार पर अलग-अलग संस्थानों को किया जाता है। उदाहरण के लिए:
जमा राशि → RBI
शेयर और अन्य निवेश → SEBI → Investor Education & Protection Fund (IEPF)
उन्होंने RBI के UDGAM पोर्टल (Unclaimed Deposits Gateway to Access Information) का जिक्र करते हुए कहा कि दावा करने वाले व्यक्ति को सही दस्तावेज प्रस्तुत करने पर राशि तुरंत मिल जाती है।
तीन स्तंभ: जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई
Awareness (जागरूकता): नागरिकों को यह बताना कि उनका पैसा कहाँ और कैसे ट्रेस किया जा सकता है।
Accessibility (पहुंच): डिजिटल टूल्स और जिला स्तर पर सरल व्यवस्था ताकि लोग आसानी से क्लेम कर सकें।
Action (कार्रवाई): दावे समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटाए जाएँ।
लोगों तक संदेश पहुंचाना
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों तक यह संदेश पहुंचाएँ कि उनका पैसा सुरक्षित है और सही दस्तावेज़ों के साथ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनक्लेम्ड इंश्योरेंस पॉलिसी और डिपॉजिट से संबंधित जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की जानी चाहिए, ताकि कोई भी परिवार अपनी मेहनत की कमाई से वंचित न रह जाए।
इस अभियान के जरिए सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक अपने हक की राशि सम्मानजनक और सहज तरीके से प्राप्त कर सके। सीतारमण ने कहा कि यह कदम न केवल लोगों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि वित्तीय संस्थानों और नागरिकों के बीच विश्वास को भी बढ़ाएगा।