हिमाचल में तानाशाही कांग्रेस: बच्चों पर भी एफआईआर,भाजपा ने किया विरोध
शिमला/07/10/2025
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए भाजपा के विधायक एवं वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने कहा कि राज्य में सरकार बात-बात पर जनता और बच्चों पर एफआईआर दर्ज करने में अग्रसर है। हाल ही में सोलन जिले के दाड़लाघाट में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बच्चों और जनता ने कार्यक्रम के भोजन न मिलने पर नारेबाजी की। इसके बाद सरकार ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी, जिसे भाजपा ने अति निंदनीय और प्रतिशोध की राजनीति करार दिया।
जमवाल ने कहा कि इस तानाशाही कांग्रेस सरकार की प्रथा है कि बात-बात पर एफआईआर दर्ज कर जनता को दबाया जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों ने अपनी मांगें रखीं, तो एक ही दिन में 900 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं। सचिवालय कर्मचारी संघ ने धरना प्रदर्शन किया तो उनके खिलाफ मेमो जारी किए गए और कुछ कर्मचारियों को लंबी दूरी वाले ट्रांसफर के आदेश थमा दिए गए। विपक्षी नेताओं पर भी एफआईआर दर्ज की गई।
भाजपा नेता ने कहा कि आपदा प्रभावितों और मीडिया कर्मियों पर भी एफआईआर दर्ज करना आम प्रथा बन गई है। उन्होंने बताया कि आपदा के समय जब लोग दुखों से जूझ रहे होते हैं और राहत की उम्मीद रखते हैं, तब रिवेन्यू मंत्री प्रभावित इलाकों में जाकर 50 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज कर देते हैं, जिसमें कुछ मामलों में मुकदमा देशद्रोह का दर्ज किया गया। इस तरह की घटनाएं किन्नौर, मंडी, कुल्लू, चंबा समेत अन्य जगहों पर सामने आई हैं।
जमवाल ने कहा कि हिमाचल में समोसे और जंगली मुर्गे पर भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पहले समोसे की शिकायतें नजरअंदाज की जाती थीं, लेकिन जब यह पब्लिक में आईं, तो एफआईआर दर्ज की गई। जंगली मुर्गे को मारने पर भी खबर के पब्लिक में आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार से मांग की कि बच्चों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत रद्द की जाए और सामान्य प्रशासन पर ही मामले दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी तानाशाही और प्रतिशोध की राजनीति हिमाचल में पहले कभी नहीं देखी गई।