बंगाल में भूस्खलन और बाढ़ का कहर:मृतकों की संख्या 32,राहत और बचाव कार्य जारी
दार्जिलिंग/07/10/2025
उत्तर बंगाल में भीषण बारिश और भूस्खलन-बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। दार्जिलिंग और मिरिक समेत पहाड़ी इलाकों में जलस्तर कम होने के साथ ही हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। प्रशासन ने भूस्खलन के मलबे को हटाने और राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य पहाड़ी सड़कें खोलने का काम शुरू कर दिया है, हालांकि मिरिक अभी भी अलग-थलग पड़ा हुआ है।
प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इनमें 22 लोगों की मौत दार्जिलिंग और मिरिक में हुई, जबकि बामनडांगा में नदी से पिछले 24 घंटों में 10 शव बरामद किए गए। राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और होमगार्ड की नौकरी दी जाएगी।
बालासन नदी पर पुल ढह जाने के कारण मिरिक अलग-थलग पड़ा हुआ है। सिलीगुड़ी से मिरिक जाने वाली सड़क पर यातायात सामान्य होने लगा है। लोक निर्माण विभाग ने मिरिक में बचाव और संचार सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का निर्माण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री स्वयं इस पुल के निर्माण का निरीक्षण करेंगी। स्थायी पुल के लिए 51.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और इसे जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय सेना ने भी मिरिक में संचार बहाल करने और बालासन पुल पर बेली ब्रिज बनाने की तैयारी तेज कर दी है।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने 1000 से अधिक पर्यटकों को कोलकाता वापस लाने में सफलता पाई है। दार्जिलिंग होटलियर्स एसोसिएशन ने प्रशासन और पुलिस की तारीफ की और पर्यटकों से अपील की कि वे बागडोगरा, पंखाबारी और कर्सियांग मार्ग से दार्जिलिंग आएं और लौटते समय तिनधरिया मार्ग का उपयोग करें, ताकि यातायात की भीड़ कम हो सके।
भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है, और प्रशासन सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रहा है।