आरबीआई ने बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाई सख्त पाबंदियाँ: नकद निकासी ₹10,000 तक सीमित, नए कर्ज और जमा पर रोक
नई दिल्ली/09/10/2025
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित द बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर सख्त निगरानी उपाय लागू किए हैं। आरबीआई ने बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और संचालन संबंधी अनियमितताओं को देखते हुए कई पाबंदियाँ लगाई हैं। इसके तहत ग्राहकों की नकद निकासी सीमा ₹10,000 तक सीमित कर दी गई है।
आरबीआई ने बताया कि बैंक कोई नया कर्ज या अग्रिम राशि बिना RBI की अनुमति के नहीं दे सकेगा और नई जमा स्वीकार नहीं कर सकेगा। ये कदम जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा और बैंक के संचालन में सुधार के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए RBI ने स्पष्ट किया कि DICGC के तहत पात्र जमाकर्ताओं को अधिकतम ₹5 लाख तक बीमा राशि प्राप्त होगी। यह राशि सभी प्रकार के खातों—बचत, चालू, FD और RD—पर लागू होगी।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि इन पाबंदियों का मतलब बैंक का लाइसेंस रद्द होना नहीं है। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के प्रयास जारी रखेगा और सीमित बैंकिंग गतिविधियाँ संचालित करेगा। RBI बैंक की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और आवश्यकतानुसार आदेशों की समीक्षा करेगा।
ये प्रतिबंध 8 अक्टूबर 2025 से लागू हैं और शुरुआती तौर पर छह महीने तक लागू रहेंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के जीजाबाई को-ऑपरेटिव बैंक पर भी RBI ने इसी तरह की कार्रवाई की थी।
केंद्रीय बैंक का यह कदम साफ संकेत है कि को-ऑपरेटिव बैंकों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए RBI कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।