हिमाचल में एचपी-रेडी परियोजना: मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक टीम के साथ की समीक्षा
शिमला/09/10/2025
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज वरिष्ठ अधिकारियों और विश्व बैंक टीम के साथ हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी (एचपी-रेडी) परियोजना की समीक्षा की। यह परियोजना जनवरी, 2026 से शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मानव जीवन और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँच रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के बार-बार आने से प्रदेश सरकार को क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर भारी संसाधन लगाने पड़ रहे हैं।
श्री सुक्खू ने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से राज्य सरकार इस बड़ी परियोजना को लागू कर रही है, जिसकी कुल लागत 2,687 करोड़ रुपये है। परियोजना न केवल वर्ष 2023 और 2025 में हुई आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई करेगी, बल्कि भविष्य में आपदाओं का सामना करने के लिए बुनियादी ढांचे की मजबूती और पुनर्निर्माण कार्य में भी सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपी-रेडी परियोजना का उद्देश्य जलवायु-संवेदनशील प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाना, आपदाग्रस्त सड़कों, पुलों और भवनों की मरम्मत करना तथा नालों का तटीकरण करना है। इसके अलावा, परियोजना सशक्त सार्वजनिक सेवाओं के विकास, ग्रीन पंचायतों के माध्यम से रोजगार सृजन और जोखिम आधारित सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा तंत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
उन्होंने किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया, ताकि आपदा के दौरान उनकी आजीविका प्रभावित न हो। इसके अंतर्गत राज्य के दस स्थानों पर सीए स्टोर बनाए जाएंगे, जिससे किसानों की उपज सुरक्षित रहे और आपदा के समय नुकसान से बचा जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के.के. पंत, विशेष सचिव डी.सी. राणा, परियोजना के लिए विश्व बैंक टीम प्रमुख अनूप करंथ तथा आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ विजय और शीना अरोड़ा भी उपस्थित थे।