जम्मू-कश्मीर में जीएसटी लागू लेकिन आमजन को राहत नहीं,दुकानों में अभी तक पुराने रेट
श्रीनगर/10/10/2025
श्रीनगर: देशभर में 22 सितंबर से लागू हुए जीएसटी सुधारों का असर जम्मू-कश्मीर के आम लोगों तक अभी नहीं पहुंचा है। सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, ब्रेड जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं और जीवनरक्षक दवाइयों पर कर घटाकर 5 प्रतिशत या पूरी तरह माफ कर दिया था, ताकि मध्यम वर्ग, किसान और आम नागरिक राहत महसूस कर सकें।
हालांकि, श्रीनगर के निवासी मुज़फ्फर खान का कहना है कि फार्मेसियों, रेस्टोरेंट और किराने की दुकानों पर पुराने दाम ही वसूले जा रहे हैं। व्यापारी बताते हैं कि पुराने स्टॉक और छपी हुई एमआरपी बदलने में समय लग रहा है। कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन के अध्यक्ष यासीन खान ने कहा कि “एक महीने में नए रेट बाजार में दिखने लगेंगे।”
होटल उद्योग भी नए नियमों को पूरी तरह लागू करने में पीछे है। पहलगाम हमले के बाद पर्यटकों की कमी झेल रहे होटल मालिकों ने कहा कि अधिकांश प्रतिष्ठान नए जीएसटी ढांचे में शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन पूरी तरह अनुपालन नवंबर तक ही संभव है।
सरकार ने अब बाजारों में निगरानी बढ़ा दी है। उपभोक्ता मामलों, विधि मापन, बिक्री कर और स्वास्थ्य विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी 20 जिलों में प्रवर्तन टीमें बनाकर दुकानों की जांच करें और गैर-अनुपालन पर जुर्माना लगाए। अधिकारियों का दावा है कि अक्टूबर के अंत तक जम्मू-कश्मीर में जीएसटी सुधारों का असर पूरी तरह दिखने लगेगा।