इस्लामाबाद किले में तब्दील! दहशत और भूख के साए में पाकिस्तान की राजधानी
1200 जवानों की तैनाती और लॉकडाउन से राजधानी में दहशत का माहौल
इस्लामाबाद/12/10/2025
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और उसके पड़ोसी शहर रावलपिंडी में हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं। तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान (TLP) के संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सरकार ने दोनों शहरों को मानो किले में बदल दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के नाम पर लॉकडाउन जैसी स्थिति लागू कर दी है — हर सड़क, हर चौराहे पर बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और कंटेनरों से रास्ते सील कर दिए गए हैं।
पंजाब प्रांत में 1200 से अधिक पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रदर्शनकारी को लाहौर से इस्लामाबाद की ओर बढ़ने से रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने 140 से ज्यादा TLP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दर्जनों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। राजधानी की सभी मुख्य सड़कें — जीटी रोड, मुर्री रोड, एक्सप्रेसवे और श्रीनगर हाईवे — कंटेनरों से बंद कर दी गई हैं। करीब 500 कंटेनरों से शहर के प्रवेश और निकास मार्ग पूरी तरह सील हैं।
इस कड़े सुरक्षा घेराबंदी का असर आम जनता पर गहरा पड़ा है। खाने-पीने की वस्तुओं की भारी कमी हो गई है। बाजारों में दूध, सब्जियां, फल और अनाज की सप्लाई ठप पड़ चुकी है। कई दुकानदारों ने बताया कि अब रोजमर्रा की चीजें भी मिलना मुश्किल हो गया है। रावलपिंडी के व्यापारियों का कहना है कि गेहूं और चीनी की आपूर्ति रुक जाने से कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप है — मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसें बंद, वहीं रेलवे स्टेशन पर लंबी भीड़ लगी हुई है क्योंकि अब ट्रेन ही लोगों की आवाजाही का एकमात्र साधन बचा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और गलियों में बंदूकें और पुलिस वाहन नजर आ रहे हैं। राजधानी अब एक कैद शहर में बदल चुकी है, जहां लोगों के बीच डर, भूख और अनिश्चितता का माहौल गहराता जा रहा है।
सरकारी अधिकारी हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटे हैं और कुछ जगहों पर रोडब्लॉक हटाने के प्रयास शुरू किए गए हैं, लेकिन डर अब भी बना हुआ है कि अगर TLP कार्यकर्ताओं ने राजधानी की ओर रुख किया, तो टकराव की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इस्लामाबाद फिलहाल एक सुरक्षा घेरे में घिरा शहर बन चुका है, जहां बंदूकें, कंटेनर और सन्नाटा — तीनों मिलकर भय की नई तस्वीर खींच रहे हैं।