दुर्गापुर गैंगरेप केस: पीड़िता चल नहीं पा रही, पिता बोले – बेटी बहुत दर्द में है, दोस्त पर बढ़ा शक
ओडिशा के सीएम ने की सख्त कार्रवाई की मांग
दुर्गापुर/13/10/2025
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ हुआ सामूहिक बलात्कार पूरे देश को झकझोर कर रख रहा है। ओडिशा की रहने वाली यह छात्रा शुक्रवार रात कॉलेज कैंपस के बाहर अपने एक सहपाठी के साथ कुछ खाने के लिए निकली थी, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उसे निशाना बनाकर दरिंदगी की। घटना के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार हैं।
पिता बोले – बेटी बिस्तर पर है, चल नहीं पा रही
पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी इस वक्त बेहद गंभीर हालत में है और चलने-फिरने में असमर्थ है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील की कि उन्हें अपनी बेटी को ओडिशा ले जाने की अनुमति दी जाए, क्योंकि उन्हें पश्चिम बंगाल में उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता है। पिता ने कहा, “मेरी बेटी बहुत दर्द में है, हम बस चाहते हैं कि वह सुरक्षित रहे। हमने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि हमें उसे ओडिशा ले जाने दें।” उन्होंने डीजीपी, एसपी और स्थानीय प्रशासन की मदद की सराहना की लेकिन सुरक्षा को लेकर असंतोष भी जताया।
दोस्त पर शक, जिसने साथ छोड़ा
छात्रा के पिता के अनुसार, उनकी बेटी अपनी एक सहपाठी के साथ बाहर गई थी। लेकिन जब दो-तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे तो वह सहपाठी उसे अकेला छोड़कर भाग गया। पिता ने आरोप लगाया कि अगर सहपाठी ने मदद की होती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे बेटी की एक सहेली ने फोन पर उन्हें इस घटना की जानकारी दी। घटना रात 8 से 9 बजे के बीच की है।
स्थानीय अधिकारियों ने दी राहत की जानकारी
दुर्गापुर की डिप्टी मजिस्ट्रेट और एसडीओ रंजना रॉय ने बताया कि छात्रा की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसकी मां उसके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़िता को हर संभव मदद दे रहा है और पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
ओडिशा के सीएम माझी ने जताया आक्रोश
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “अत्यंत निंदनीय और दर्दनाक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “दुर्गापुर में ओडिशा की छात्रा के साथ हुआ यह घिनौना अपराध बेहद शर्मनाक है। मैं ममता बनर्जी से अनुरोध करता हूं कि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाए।” माझी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क कर पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करें।
एनसीडब्ल्यू की टीम सक्रिय, रिपोर्ट जल्द होगी पेश
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। सदस्य अर्चना मजूमदार ने बताया कि उन्होंने पीड़िता, कॉलेज प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पांच आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से तीन गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मेडिकल सैंपल जांच के लिए राज्य फोरेंसिक लैब को भेजे गए हैं, और उन्हें केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) को भेजने की भी सिफारिश की गई है।
मजूमदार ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल में लड़कियों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि इस बार ऐसा न हो और पीड़िता को जल्द न्याय मिले।”