ट्रंप बोले- मोदी मेरे सबसे अच्छे दोस्त, भारत महान देश; गाजा शांति सम्मेलन में फिर दोहराई भारत-पाक शांति की बात
शर्म अल शेख/14/10/2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मिस्र में आयोजित गाजा शांति शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की। ट्रंप ने भारत को “एक महान देश” बताया और कहा कि “भारत के शीर्ष पर मेरा एक बेहद अच्छा दोस्त है जिसने शानदार काम किया है।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान भविष्य में सौहार्दपूर्ण ढंग से एक साथ रहेंगे।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष की शुरुआत में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि उनके प्रयासों से दोनों देशों के बीच स्थिति संभली थी। उन्होंने दावा किया कि मई में हुए संघर्ष के दौरान उन्होंने शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।
ट्रंप ने एक दिन पहले एयर फोर्स वन में दिए बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को टैरिफ नीति के जरिए सुलझाया। ट्रंप ने कहा,
“मैंने कुछ युद्ध केवल टैरिफ के आधार पर खत्म किए। भारत और पाकिस्तान के बीच भी मैंने कहा था कि अगर आप युद्ध करना चाहते हैं, तो मैं दोनों पर 100 से 200 प्रतिशत तक के टैरिफ लगा दूँगा।”
उन्होंने दावा किया कि इस धमकी के बाद दोनों देशों ने तुरंत कदम पीछे खींचे और मामला 24 घंटे के भीतर शांत हो गया।
ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में भी यही कहा था कि उनकी “टैरिफ रणनीति” ने दुनिया में शांति लाने में मदद की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक सात शांति समझौते किए हैं, जिनमें से पाँच व्यापारिक दबाव के माध्यम से संभव हुए।
भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के अपने दावे पर ट्रंप बार-बार ज़ोर देते रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें इन प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि उन्होंने “भारत-पाकिस्तान, थाईलैंड-कंबोडिया जैसे देशों के बीच युद्ध रुकवाए।”
हालाँकि, भारत ने हमेशा इन दावों को खारिज किया है। भारत का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे — चाहे वह आतंकवाद हो या जम्मू-कश्मीर — का समाधान केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही होगा, किसी तीसरे देश के दखल से नहीं।