हरियाणा IPS सुसाइड मामला: 7 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं, DGP छुट्टी पर; राहुल गांधी और चिराग पासवान आज करेंगे शोक व्यक्त
चंडीगढ़/14/10/2025
चंडीगढ़: हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड मामले में अब तक सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनके शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। वहीं, सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब पूरन कुमार के अंतिम सुसाइड नोट में DGP और अन्य अधिकारियों के नाम सामने आए थे।
दिवंगत अफसर की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है। इसके पहले ही रोहतक के पूर्व SP नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटा दिया गया था।
आज लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमनीत के सरकारी आवास पर शोक व्यक्त करेंगे। इसके अलावा दोपहर डेढ़ बजे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी परिवार से मिलने के लिए जाएंगे।
परिवार और अनुसूचित समाज की ओर से बनाई गई 31 सदस्यीय कमेटी ने महापंचायत बुलाकर सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम की समयसीमा आज खत्म हो रही है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
सुसाइड की घटनाओं का क्रम:
7 अक्टूबर: IG पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर खुद को गोली मारकर सुसाइड किया। उन्होंने 8 पेज का सुसाइड नोट और 1 पेज की वसीयत छोड़ी। नोट में उन्होंने 15 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों पर प्रताड़ना और अन्य आरोप लगाए।
8 अक्टूबर: अमनीत पी. कुमार जापान से लौटकर DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराती हैं।
9 अक्टूबर: चंडीगढ़ पुलिस ने पूरन कुमार के सुसाइड के तीसरे दिन FIR दर्ज की, जिसमें 15 अधिकारियों का नाम शामिल किया गया।
10 अक्टूबर: SIT का गठन किया गया, जिसमें चंडीगढ़ और रोहतक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
11 अक्टूबर: पूरन कुमार की डेडबॉडी को PGI शिफ्ट किया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी मर्जी के बिना यह कार्रवाई की।
12 अक्टूबर: महापंचायत में सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने और पूर्व SP बिजारणिया की गिरफ्तारी की मांग की गई।
13 अक्टूबर: केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवार से मुलाकात की। CM ने पहले पोस्टमॉर्टम कराना आवश्यक बताया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मामले में प्रशासन और परिवार के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। सरकारी कार्रवाई और SIT की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।