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‘हर घर स्वदेशी’ से आत्मनिर्भर भारत की ओर: भाजपा का अभियान बना जन आंदोलन — कर्ण नंदा

शिमला/14/10/2025

NANDA

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा पूरे देश में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हर नागरिक को स्वदेशी उत्पादों से जोड़ना है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक व्यापक राष्ट्रीय पहल बन सके। बैठक की अध्यक्षता मंडल महामंत्री अंकुश चौहान ने की। इस अवसर पर सुशील कड़शोली, मीनाक्षी मान्टा, जतिन चौहान, यशवीर जस्टा, रविंद्र चौहान, तजिंदर शर्मा और संजय बस्टा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कर्ण नंदा ने कहा कि “स्वदेशी” का अर्थ किसी विदेशी वस्तु का बहिष्कार नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादों और देशी कौशल को प्राथमिकता देना है। उन्होंने बताया कि यह अभियान पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर तक चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के रास्ते से ही संभव है, और इसके केंद्र में “स्वदेशी भावना” है।

नंदा ने कहा, “प्रधानमंत्री ने हर नागरिक से अपील की है कि जो भी वस्तु खरीदी जाए, वह भारत में बनी हो — जिसमें हमारे देश के बेटे-बेटियों का पसीना शामिल हो।” उन्होंने सुझाव दिया कि हर दुकान पर एक बोर्ड लगना चाहिए — ‘गर्व से कहो, यह स्वदेशी है’।

उन्होंने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी पूरे देश के कार्यकर्ताओं को इस अभियान से जन-जन को जोड़ने का दायित्व सौंपा है।

कर्ण नंदा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2019 के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र का असर आज साफ दिखाई देता है। पहले जहां खादी की बिक्री मात्र ₹31,000 करोड़ थी, वहीं अब यह बढ़कर ₹1.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि “मेक इन इंडिया” के तहत 2014 में देश में मोबाइल निर्माण की केवल दो फैक्ट्रियां थीं, जो आज 300 से अधिक हो गई हैं, और अब 99.2% मोबाइल “मेड इन इंडिया” हैं।

यूपीए सरकार के दौरान मोबाइल निर्यात मात्र ₹15,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। खिलौनों के आयात में 52% की कमी आई है और भारत आज ट्रैक्टर निर्माण में विश्व में पहले स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प ने देश को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है, जो जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की राह पर है। बीते चार वर्षों में भारत सबसे तेज़ी से प्रगति करने वाली अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है।

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