शांता कुमार ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा – वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण में हुई अन्य दलों की अनदेखी
पालमपुर/14/10/2025
हिमाचल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने 13 अक्तूबर को शिमला के रिज मैदान पर हुए स्व0 वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भले ही प्रतीकात्मक रूप से सही रहा हो, पर कांग्रेस की कार्यशैली ने उस अवसर पर प्रदेश के सर्वव्यापी सम्मान को सीमित कर दिया और वीरभद्र जी के असल कद को छोटा कर दिया गया। शांता कुमार का तर्क है कि ऐसे महापुरुष के स्मारक अनावरण में सिर्फ एक ही दल के नेता शामिल कर लेना अनुचित था — यह पूरा हिमाचल का मँच होना चाहिए था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने समारोह की प्रसंशा करते हुए बताया कि वे खुद भी इस अनावरण के आयोजन से खुश हैं और कांग्रेस को इस काम के लिये धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कार्यक्रम का स्वरूप देखकर उन्हें "दुख" हुआ। शांता कुमार ने याद दिलाया कि वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री चुने गए और हिमाचल के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है — इसलिए उनका सम्मान सर्वदलीय होना चाहिए था, न कि किसी एक पार्टी तक सीमित।
विकसित राजनीतिक प्रसंगों के बीच शांता कुमार ने पुराने किस्से भी साझा किए। उन्होंने 1990 के उस दौर का जिक्र किया जब विवेकानंद ट्रस्ट द्वारा पालमपुर में अस्पताल के शिलान्यास के बाद राजनीतिक घटनाक्रम के चलते उनकी सरकार गिर गई थी। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने वीरभद्र सिंह से व्यक्तिगत रूप से कहा था कि अस्पताल के लिये जो जमीन थी, वह किसी और को न दी जाए — और वीरभद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह जमीन सुरक्षित रहेगी। यही नहीं, आपातकाल के दिनों में अपने परिवार की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए शांता कुमार ने बताया कि नाहन जेल में बंद के दौरान उन्होंने वीरभद्र से अपनी पत्नी के तबादले के संबंध में मदद मांगी थी और तत्काल प्रभाव से तबादला करवा दिया गया था — ऐसे अनुभवों को वे आज भी नहीं भुला पाए हैं।
शांता कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने अपने ही नेता के साथ अन्याय किया है। उनके अनुसार रिज पर अकेले कांग्रेस के मंच पर प्रतिमा स्थापित कर के वीरभद्र सिंह को “सिर्फ एक पार्टी का नेता” दिखाया गया, जबकि वे पूरे प्रदेश के नेता थे। उन्होंने कांग्रेस से मांग की है कि वह इस भूल के लिये सार्वजनिक रूप से हिमाचल के समक्ष क्षमा प्रकट करे — अन्यथा इतिहास इन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
यह टिप्पणी वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह और कांग्रेस के कार्यों पर उठ रहे विवादों के बीच सामने आई है, जिसने प्रदेश की राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है।