विश्व मानक दिवस पर बोले अनुराग ठाकुर – आने वाले समय में भारतीय मानक बनेंगे वैश्विक गुणवत्ता का प्रतीक
बद्दी/14/10/2025
विश्व मानक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के बद्दी में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के विशेष कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत को गुणवत्ता उत्कृष्टता के नए युग में प्रवेश कराने के लिए पाँच सूत्रीय एजेंडा पेश किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब "भारतीय मानक ही विश्व के मानक" बनें। कार्यक्रम के दौरान अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'शून्य दोष, शून्य प्रभाव (Zero Defect, Zero Effect)" मिशन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक और उपभोक्ता प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले केवल 14 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCOs) लागू थे, जिनमें 106 उत्पाद शामिल थे, जबकि आज मोदी सरकार के प्रयासों से 187 QCOs में 770 उत्पाद अनिवार्य BIS प्रमाणन के दायरे में आ चुके हैं।अनुराग ठाकुर ने कहा कि अब भारतीय उपभोक्ता केवल उत्पाद नहीं, बल्कि गुणवत्ता की गारंटी चाहते हैं। उन्होंने कहा, "कभी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद देना एक उपकार समझा जाता था, आज यह उपभोक्ता का अधिकार बन चुका है।"
उन्होंने मानक उत्कृष्टता के लिए पाँच सूत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया-
1. एमएसएमई और स्टार्टअप्स तक मानकों की पहुँच बढ़ानाः
छोटे उद्योगों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आसान प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।
2. मानकों को स्थिरता से जोड़ना:
पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण और ऊर्जा दक्षता को उद्योग मानकों में शामिल करना अनिवार्य होगा।
3. शिक्षा में मानक साक्षरता को बढ़ावाः
इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में छात्रों को गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे कार्यक्षेत्र में इसे अपनाएं।
4. डिजिटल और पारदर्शी प्रमाणन प्रणालीः
प्रयोगशालाओं का स्थानीयकरण कर तेज़ और पारदर्शी प्रमाणन प्रक्रिया लागू की जाएगी, जिससे स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा।
5. अंतरराष्ट्रीय समन्वयः
ISO और IEC के साथ 94% सामंजस्य हासिल करने के बाद अब भारत निर्यातकों के लिए बाधाएँ कम कर विश्व बाजार में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि "गुणक्ता, निरंतरता और सुरक्षा ही भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर से जाएंगी।" उद्योग जगत से उन्होंने अपील की कि "मानकों में निवेश, दरअसल विश्वास में निवेश है।" साथ ही उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया "प्रमाणित, चिह्नित और सुरक्षित उत्पादों की मांग करें। जब उपभोक्ता गुमक्ता पर जोर देते हैं, वो बाज़ार भी उत्कृष्टता के साथ जवाब देता है।"
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत आज 23,500 से आवक मानकों के साथ विश्व गुणक्ता मानचित्र पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। एमएसएमई और स्टार्टअप्स इस यात्रा के इंजन हैं। भारत के 6.63 करोड़ एमएसएमई देश के GDP में 30% और निर्यात में 45% योगदान देते हैं, और 26 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में मानक उत्कृहता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। अब भारत न केवन दुनिया के मानकों का पालन करेगा, बल्कि नई गुणवत्ता परिभाषाएँ स्थापित करेगा।
"भविष्य में भारतीय मानक ही बनेंगे वैश्विक मानक।" - अनुराग सिंह ठाकुर