यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का वार — बोले, पुतिन को एक हफ्ते में खत्म करना चाहिए था युद्ध
वाशिंगटन/15/10/2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विश्व राजनीति में हलचल मचा दी है। गाजा शांति वार्ता के बाद अब उन्होंने अपना ध्यान यूक्रेन-रूस युद्ध पर केंद्रित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन को यह युद्ध “एक हफ्ते में खत्म कर देना चाहिए था”, लेकिन अब यह संघर्ष उनकी साख को नुकसान पहुंचा रहा है।
व्हाइट हाउस में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने यह टिप्पणी की। यह बैठक तब हुई जब अमेरिका ने अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए 20 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की थी। इस मौके पर ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक लंबी दूरी की मिसाइलें देने पर विचार कर रहा है, ताकि युद्ध को निर्णायक रूप से समाप्त किया जा सके।
इस बयान के तुरंत बाद रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मॉस्को ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देता है, तो इसके “विनाशकारी परिणाम” होंगे। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप रूस-अमेरिका संबंधों को नई टकराव की दिशा में धकेल सकता है।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनकी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात तय है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा और युद्धविराम से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। जेलेंस्की ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने दो दिनों में ट्रंप से दूसरी बार बात की है और इस चर्चा को “उपयोगी और सार्थक” बताया। उनका कहना है कि यदि ट्रंप गाजा संघर्ष में शांति ला सकते हैं, तो यूक्रेन युद्ध के समाधान में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
रूस की चिंता बढ़ी, बढ़ सकता है वैश्विक तनाव
रूसी सरकारी मीडिया ने चेतावनी दी है कि टॉमहॉक मिसाइलें केवल अमेरिकी सैनिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी से ही इस्तेमाल की जा सकती हैं। यदि इन्हें यूक्रेन को दिया गया, तो यह कदम रूस और अमेरिका के बीच टकराव को और भड़का सकता है।
युद्ध अध्ययन संस्थान (ISW) के विश्लेषण के अनुसार, टॉमहॉक मिसाइल की रेंज 1550 मील तक होती है, जिससे यूक्रेन रूस के भीतर लगभग 1900 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। इससे रूस की सैन्य क्षमता पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ISW का कहना है कि इन मिसाइलों की मदद से यूक्रेन रूस के पीछे के रणनीतिक ठिकानों जैसे येलाबुगा ड्रोन फैक्ट्री और एंगेल्स-2 एयरबेस को भी निशाना बना सकता है, जो यूक्रेन पर हमले के लिए उपयोग किए जाते हैं।
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ट्रंप की इस नीति पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या यह रणनीति युद्ध को समाप्त करेगी या दुनिया को एक नए सैन्य तनाव की ओर धकेलेगी।