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ISRO का मेगा स्पेस मिशन: 2040 तक चांद पर उतरेगा भारतीय दल, बनेगा भारत का खुद का स्पेस स्टेशन

हैदराबाद/15/10/2025

ISRO

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) अब अंतरिक्ष में नया इतिहास लिखने की तैयारी कर रही है। सिर्फ रॉकेट या सैटेलाइट भेजने तक सीमित नहीं, बल्कि भारत अब अपने नागरिकों को चांद की सतह पर उतारने और अपना खुद का स्पेस स्टेशन (Bharatiya Antriksh Station - BAS) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

रांची स्थित BIT Mesra के 35वें दीक्षांत समारोह में इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने संगठन का भविष्य रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भारत को 2040 तक मानवयुक्त चांद मिशन (Indigenous Crewed Lunar Mission) को पूरा करना है। इस मिशन का मकसद केवल तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि भारतीयों को सुरक्षित रूप से चांद की यात्रा कराने का है।

गगनयान मिशन — इंसान को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी तेज

इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि गगनयान मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

पहला अनक्रूड मिशन (बिना इंसानों वाला) दिसंबर 2025 तक लॉन्च होगा, जिसमें ‘Vyommitra’ नाम की एक ह्यूमनॉइड रोबोट शामिल होगी। यह इंसानों जैसी परिस्थितियों में सिस्टम्स की जांच करेगी।

इसके बाद 2026 में दो और अनक्रूड मिशन लॉन्च किए जाएंगे ताकि तकनीकी सुरक्षा की पूरी पुष्टि की जा सके।

इसके बाद, 2027 की पहली तिमाही तक भारत अपने पहले मानव मिशन (Crewed Gaganyaan Mission) को लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

भारत का खुद का स्पेस स्टेशन — Bharatiya Antriksh Station (BAS)

इसरो ने घोषणा की है कि भारत 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन (BAS) तैयार कर लेगा।

इसरो चीफ ने बताया कि इस स्टेशन के शुरुआती मॉड्यूल 2027 से ही अंतरिक्ष में भेजे जा सकते हैं।

यह स्टेशन भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमताओं को एक नए स्तर पर ले जाएगा, जहां भारतीय वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री दीर्घकालीन शोध कर सकेंगे।

आने वाले मिशन जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नया आयाम देंगे

इसरो आने वाले सालों में कई हाई-टेक मिशन लॉन्च करने जा रहा है —

Chandrayaan-4 और Chandrayaan-5 : चांद के और गहराई से अध्ययन के लिए।

Mars Mission (मंगल मिशन) : भारत का दूसरा मिशन, जो मंगल की सतह और वायुमंडल का अध्ययन करेगा।

AXOM Mission : एक प्रमुख एस्ट्रोनोमिकल ऑब्ज़रवेटरी मिशन, जो ब्रह्मांडीय रहस्यों की खोज करेगा।

VOM (Venus Orbiter Mission) : शुक्र ग्रह की कक्षा में जाकर उसके वायुमंडल और सतह की संरचना का अध्ययन करेगा।

भविष्य की ओर बढ़ता भारत

भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है। जहां कभी अमेरिका और रूस जैसे देश ही स्पेस मिशनों के प्रतीक थे, वहीं अब भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। इसरो का लक्ष्य है कि आने वाले 15 वर्षों में भारत न सिर्फ अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजे, बल्कि अपने दम पर स्पेस इकोसिस्टम का केंद्र बने।

इसरो का यह रोडमैप दर्शाता है कि भारत अब “स्पेस रेस” में सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि नेता बनने की ओर अग्रसर है। 2040 तक चांद पर भारतीय दल की लैंडिंग और 2035 तक भारतीय स्पेस स्टेशन की स्थापना भारत को अंतरिक्ष जगत में नई पहचान दिलाएगी।

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