ट्रम्प बोले: भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, राहुल गांधी ने मोदी पर अमेरिका से डरने का आरोप लगाया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। गुरुवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके दोस्त हैं और भारत ने उन्हें आश्वासन दिया कि रूस से तेल आयात को रोका जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अब उन्हें उम्मीद है कि चीन भी इसी दिशा में कदम उठाएगा।
हालांकि, भारत ने अब तक रूस से तेल खरीद को रोकने या कम करने के संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इसके पहले, अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसके बाद कुल टैरिफ 50% हो गया।
राहुल गांधी ने इस दावे के बाद प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिका के सामने डर जाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी ने देश की गरिमा से समझौता किया और देश की विदेश नीति को अस्थिर किया।
दूसरी ओर, रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर 2025 में भारत ने अपने तेल आयात का 34% हिस्सा रूस से ही लिया। सरकारी रिफाइनरियों ने रूस से तेल आयात 45% तक घटाया, जबकि निजी कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा एनर्जी ने आयात बढ़ाया, जिससे कुल आपूर्ति पर असर नहीं पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम अमेरिकी दबाव और आपूर्ति में विविधता लाने के लिए किया गया है। भारत रूस से सस्ता तेल खरीदने के कई फायदे भी देख रहा है, जैसे लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स और वैश्विक तेल कीमतों पर स्थिरता बनाए रखना।
हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर आर्थिक दबाव डालते हुए रूस से तेल आयात पर पैनल्टी और टैरिफ लगाए। ट्रम्प ने कहा कि भारत से यह अपेक्षा की जा रही है कि रूस से तेल खरीद बंद करे, ताकि रूस पर सेकेंडरी प्रेशर बने और यूक्रेन युद्ध प्रभावित हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास रूस के अलावा इराक, सऊदी अरब, अमेरिका और UAE जैसे अन्य देशों से तेल खरीदने के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन रूस से तेल अभी भी सबसे सस्ता और स्थिर स्रोत है।