शहबाज शरीफ का संदेश: कहा – अब फैसला अफगानिस्तान करे, पाकिस्तान बातचीत को तैयार लेकिन शर्तों के साथ
48 घंटे के अस्थायी युद्धविराम के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल, शरीफ बोले – “गेंद अब उनके पाले में है”
इस्लामाबाद/17/10/2025
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 48 घंटे का अस्थायी युद्धविराम लागू है, लेकिन हालात अब भी नाजुक बने हुए हैं। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को एक कड़ा बयान देते हुए कहा कि अब अगला कदम अफगानिस्तान को उठाना है। पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है, मगर यह संवाद “शर्तों के साथ” ही संभव होगा।
संघीय मंत्रिमंडल की बैठक में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा, “गुरुवार को हमने 48 घंटे के सीजफायर का निर्णय लेकर अफगान पक्ष को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वे हमारी वाजिब और ठोस शर्तों पर बातचीत करना चाहते हैं, तो पाकिस्तान तैयार है। लेकिन अब गेंद उनके पाले में है।”
“सिर्फ समय निकालने का खेल नहीं चलेगा”
शरीफ ने दो टूक कहा कि अगर युद्धविराम का उद्देश्य सिर्फ समय निकालना है, तो पाकिस्तान इसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कतर जैसे सहयोगी देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं ताकि सीमा पर बढ़ते तनाव को नियंत्रित किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान चाहता है कि अफगानिस्तान अपनी धरती का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने दे। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी शांति है, लेकिन इसके लिए अफगान पक्ष की नीयत और प्रतिबद्धता भी उतनी ही आवश्यक है।”
कतर की पहल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सराहना
शहबाज शरीफ ने बताया कि कतर के अमीर ने मिस्र में मुलाकात के दौरान हाल की घटनाओं की निंदा की और दोनों देशों के बीच सुलह कराने की इच्छा जताई। इसके अलावा, शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मुस्लिम देशों के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने तनाव कम करने और युद्धविराम कायम रखने की कोशिश की है।
अफगान धरती से आतंक के सफाए पर जोर
पाक प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इस संकट का स्थायी समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अफगानिस्तान की धरती से “फितना अल-खवारिज” यानी चरमपंथ का सफाया हो और उसका इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन द्वारा न किया जा सके।
सीजफायर के बाद का डर, फिर भी उम्मीद कायम
हालांकि शरीफ ने यह भी स्वीकार किया कि युद्धविराम खत्म होने के बाद की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। फिर भी उन्होंने भरोसा जताया कि अगर अफगानिस्तान ईमानदारी से आगे आएगा, तो इस तनावपूर्ण माहौल में स्थायी शांति संभव है।
सीजफायर के इन 48 घंटों के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की ओर “बातचीत की पेशकश” की है, लेकिन यह पहल पूरी तरह शर्तों पर आधारित है। शरीफ का यह बयान न सिर्फ कूटनीतिक संदेश है बल्कि एक स्पष्ट चेतावनी भी — अगर बातचीत में ईमानदारी नहीं होगी, तो पाकिस्तान अब और रियायत नहीं देगा।