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अंतरजातीय विवाह बना मौत की वजह: बद्दी में पूर्व उपप्रधान की हत्या के तीन दिन बाद भी आरोपी साला फरार

मरने से पहले पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

बद्दी /20/10/2025

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी में अंतरजातीय विवाह से उपजे विवाद ने एक और दर्दनाक मोड़ ले लिया है। यहां पूर्व उपप्रधान सोहन लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई, और हत्या का आरोप उनके साले सुरेश कुमार उर्फ अक्कू पर लगा है। घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है—वीडियो में घायल हालत में सोहन लाल खुद पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

यह वीडियो 17 अक्तूबर का बताया जा रहा है, जब सोहन लाल को गोली लगने के बाद एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया जा रहा था। खून से लथपथ हालत में उन्होंने कहा, “मैंने एसपी, डीजीपी सभी को एप्लीकेशन भेजी थी, कहा था कि मुझे जान का खतरा है। लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। पुलिस ने एक झूठा पत्र बनाया कि मुझे कोई खतरा नहीं है।” उनके ये शब्द अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।

सोहन लाल ने वीडियो में यह भी बताया कि उन्होंने राजपूत समाज की एक लड़की से शादी की थी। लड़की ने भी पुलिस के सामने बयान दिया था कि उसने अपनी मर्जी से विवाह किया है। बावजूद इसके, दोनों को धमकियां मिलती रहीं। सोहन लाल ने बताया कि कई बार पुलिस को शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

घटना 17 अक्तूबर की दोपहर की है। आरोपी सुरेश कुमार उर्फ अक्कू, जो कि सोहन लाल का साला है, ने अपने ही जीजा को नजदीक से गोली मार दी और फरार हो गया। बताया जा रहा है कि सोहन लाल पहले अपने गांव को छोड़कर बद्दी में रहने लगे थे, लेकिन हाल ही में वह वापस गांव लौटे थे—जहां उन्हें यह अंजाम भुगतना पड़ा।

जांच तेज लेकिन नतीजा नहीं: एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा, “आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी थानों को अलर्ट किया गया है। हमें विश्वास है कि उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।”

इस बीच, शनिवार को गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बद्दी-साईं मार्ग पर करीब पाँच घंटे तक चक्का जाम किया, आरोप लगाते हुए कि पुलिस आरोपी को बचाने में लापरवाही कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर आरोपी जल्द नहीं पकड़ा गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्यार, समाज और पुलिस के बीच फंसी ज़िंदगी: सोहन लाल की मौत केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में अब भी जारी जातिगत पूर्वाग्रह और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन गई है। उन्होंने प्यार के लिए अपनी जान गंवाई और अंतिम सांस तक न्याय की गुहार लगाते रहे।

इस दर्दनाक घटना ने यह सवाल छोड़ दिया है कि क्या आज भी किसी का धर्म या जाति, उसकी जिंदगी की कीमत तय करता है — और क्या व्यवस्था उस अन्याय के सामने इतनी कमजोर है कि एक बार फिर किसी प्रेमी की दिवाली अंधेरे में डूब जाए।

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