दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण का कहर: AQI 600 पार, सांस लेने में हो रही दिक्कत, AAP ने केंद्र सरकार को घेरा
नई दिल्ली/21/10/2025
नई दिल्ली: दिवाली की रात राजधानी दिल्ली में भारी मात्रा में पटाखों के फोड़ने के कारण शहर की हवा जहरीली हो गई है। अगले दिन सुबह दिल्लीवासियों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हवा में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है और आंखों में जलन हो रही है। सुबह 8 बजे शहर का ओवरऑल AQI 350 दर्ज किया गया, जबकि सुबह 10.52 बजे यह बढ़कर 381 पहुंच गया।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI का स्तर बेहद गंभीर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक श्रेणी में दर्ज की गई:
ITI जहांगीरपुरी: 653
भलस्वा लैंडफिल: 545
ITI शाहदरा: 565
शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज़: 524
आनंद विहार: 499
पटपड़गंज: 497
गाजियाबाद: 259
नोएडा: 235
इसके अलावा बवाना में AQI 423, वजीरपुर 408 और अशोक विहार 389 रहा। चांदनी चौक में 350 और IGI एयरपोर्ट टर्मिनल 3 में 302 दर्ज किया गया।
सरकार की तैयारियों और GRAP 2 लागू
दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में आतिशबाजी पर अपने प्रतिबंध में ढील दी थी और कुछ शर्तों के साथ ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की इजाजत दी थी। इसके बाद CAQM ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण 2 लागू किया। इसके तहत चिन्हित सड़कों पर वैक्यूम सफाई और पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा बस और मेट्रो सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने, पार्किंग शुल्क बढ़ाने और डीजी सेटों के विनियमित संचालन को लागू किया गया ताकि बिजली की बचत और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
AAP ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद Artificial Rain कराने का वादा किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पटाखे बनाने वालों के दबाव में थी, जिसके कारण प्रदूषण नियंत्रण में विफल रही। उनका कहना है कि इससे आम लोग बीमार हो रहे हैं और निजी अस्पतालों को फायदा हो रहा है।
दिवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है, जिससे बुजुर्ग और बीमार सबसे अधिक प्रभावित हैं। शहर में लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को त्वरित कदम उठाने की जरूरत है।