धौलाधार की बर्फीली चोटियों पर दर्दनाक हादसा: कनाडाई महिला पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स का 48 घंटे बाद मिला शव
धर्मशाला/21/10/2025
धौलाधार की ऊंची और दुर्गम पहाड़ियों में लापता कनाडाई पैराग्लाइडर मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स (27) का शव आखिरकार 48 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। यह हादसा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में हुआ, जहां रॉबर्ट्स का ग्लाइडर 12,795 फीट की ऊंचाई पर हिमानी चामुंडा के पास तलन जोत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त मिला।
रॉबर्ट्स ने शनिवार को बीर-बिलिंग से पैराग्लाइडिंग की उड़ान भरी थी, लेकिन निर्धारित लैंडिंग साइट तक नहीं पहुंच पाईं। देर शाम तक संपर्क न होने पर प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन, स्थानीय पर्वतारोहियों और रेस्क्यू टीमों की संयुक्त कोशिशों के बाद रविवार को उनका क्षतिग्रस्त ग्लाइडर हिमानी चामुंडा मंदिर के उत्तर दिशा में मिला।
हालांकि, इलाका इतना कठिन था कि वहां हेलिकॉप्टर उतारना असंभव था। रेस्क्यू टीम के सदस्य राहुल सिंह ने अदम्य साहस दिखाते हुए रस्सियों की मदद से हेलिकॉप्टर से नीचे उतरकर शव तक पहुंच बनाई और पूरी रात बर्फीली ठंड में 12,800 फीट की ऊंचाई पर अकेले शव के पास डटे रहे। सोमवार सुबह बाकी पांच सदस्य भी हेलिकॉप्टर से घटनास्थल पर पहुंचे और मिलकर शव को बर्फ और चट्टानों के बीच से 500 मीटर ऊपर पहाड़ी तक पहुंचाया। वहां से उसे सुरक्षित एयरलिफ्ट कर गग्गल एयरपोर्ट लाया गया।
वर्तमान में शव टांडा मेडिकल कॉलेज में रखा गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को दिल्ली स्थित कनाडा दूतावास को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि मेगन की मौत कड़ाके की ठंड और चट्टानों पर गिरने से हुई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर धौलाधार क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग की खतरनाक परिस्थितियों को उजागर कर दिया है। पिछले पांच वर्षों में कांगड़ा और मंडी जिलों में पैराग्लाइडिंग से जुड़े 26 हादसे हो चुके हैं, जिनमें 12 लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय प्रशासन ने पैराग्लाइडिंग कंपनियों और एसोसिएशनों को चेताया है कि वे मौसम की स्थिति का गहन अध्ययन कर ही उड़ानें संचालित करें, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।