भारत बना विश्व का ‘ग्रीन चैंपियन’: वन क्षेत्र के मामले में पहुंचा 9वें स्थान पर, मोदी सरकार की नीतियों का बड़ा असर
नई दिल्ली/22/10/2025
भारत ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वैश्विक वन संसाधन आकलन (Global Forest Resources Assessment – GFRA) 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब कुल वन क्षेत्र के मामले में विश्व स्तर पर 9वें स्थान पर पहुंच गया है। यह रैंकिंग पिछले आकलन की तुलना में एक पायदान ऊपर है, जब भारत 10वें स्थान पर था।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बाली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस सफलता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई योजनाओं और जनभागीदारी पर आधारित पर्यावरणीय पहलों का परिणाम है।
मंत्री ने बताया कि भारत ने वार्षिक शुद्ध वन वृद्धि के मामले में भी वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान बनाए रखा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहल को जन आंदोलन बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी हैं।
एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया का कुल वन क्षेत्र 4.14 अरब हेक्टेयर है, जो पृथ्वी की लगभग 32% भूमि को कवर करता है। आधे से अधिक वन रूस, ब्राजील, कनाडा, अमेरिका और चीन में हैं। वहीं, भारत ऑस्ट्रेलिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इंडोनेशिया के बाद शीर्ष दस वन-समृद्ध देशों में शामिल है।
चीन ने 2015 से 2025 के बीच वन क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की (1.69 मिलियन हेक्टेयर प्रति वर्ष), जबकि भारत ने 1.91 लाख हेक्टेयर की वार्षिक वृद्धि के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। एशिया अकेला ऐसा क्षेत्र है जहां 1990 से 2025 तक वन क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हुई है — जिसमें भारत और चीन की भूमिका सबसे प्रमुख रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह सफलता न केवल पर्यावरणीय नीतियों की मजबूती का संकेत है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में ठोस कदम भी है।