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दिल्ली में सवेरे गूंजी गोलियों की आवाज़: रोहिणी में पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुए बिहार के 3 मोस्ट वांटेड गैंगस्टर

नई दिल्ली/23/10/2025

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली गुरुवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। दिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रोहिणी इलाके में बड़ा एनकाउंटर हुआ, जिसमें बिहार के तीन कुख्यात अपराधी और एक स्थानीय सहयोगी मारे गए। मारे गए बदमाशों में सिग्मा गैंग का सरगना रंजन पाठक भी शामिल है, जो बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बिहार पुलिस से सूचना मिली थी कि बिहार के सिग्मा गैंग के सदस्य दिल्ली में छिपे हुए हैं। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन की योजना बनाई। 22 और 23 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 2:20 बजे रोहिणी के बहादुर शाह मार्ग और डॉक्टर अंबेडकर चौक के बीच पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की।

जैसे ही पुलिस ने उन्हें घेरने की कोशिश की, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। कुछ ही मिनटों में गोलियों की गूंज पूरे इलाके में फैल गई। जब फायरिंग थमी, तो पुलिस ने देखा कि चारों अपराधी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। उन्हें तुरंत डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रोहिणी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मारे गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

रंजन पाठक (25 वर्ष) — पिता मनोज पाठक, निवासी ग्राम मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार। बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25 वर्ष) — पिता सुखला देवी, निवासी रतनपुर, थाना बजपट्टी, जिला सीतामढ़ी, बिहार। मनीष पाठक (33 वर्ष) — पिता अरविंद पाठक, निवासी ग्राम मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार। अमन ठाकुर (21 वर्ष) — पिता संजीव ठाकुर, निवासी ग्राम शेरपुर, करावल नगर, दिल्ली।

पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी बिहार में हत्या, लूट, फिरौती और गैंगवार जैसे कई जघन्य मामलों में मोस्ट वांटेड थे। इन पर बिहार पुलिस ने पहले से ही कई इनाम भी घोषित किए हुए थे। बताया जा रहा है कि सिग्मा गैंग का नेटवर्क बिहार से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था, और रंजन पाठक इसका संचालन करता था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा थी। फिलहाल, पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क और दिल्ली में इनके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। मौके से कई पिस्तौल, कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

इस एनकाउंटर के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल के वर्षों में बिहार मूल के अपराधियों के खिलाफ दिल्ली में की गई सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई मानी जा रही है।

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