नेपाल में 5 मार्च को होंगे आम चुनाव, पीएम सुशीला कार्की ने दिया आश्वासन- स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे चुनाव
काठमांडू/23/10/2025
काठमांडू। नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उनकी अंतरिम सरकार 5 मार्च, 2026 को होने वाले आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री कार्की ने यह बयान भक्तपुर के मध्यपुर थिमी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने संविधान के अनुसार युवाओं की आवाज़ को महत्व देने और लोकतंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम ऐसा माहौल बनाएंगे, जिसमें नेपाली बिना किसी डर के मतदान कर सकें, लोकतंत्र को सुदृढ़ कर सकें, समृद्धि बढ़ा सकें और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकें।’’ उनका यह बयान कार्यवाहक सरकार के गठन के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पहली मुलाकात और आम चुनाव की तैयारियों पर हुई चर्चा के अगले दिन आया।
प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास बलुवाटर में हुई बैठक में कई प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान राजनीतिक दलों ने सरकार से चुनाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही सरकार ने सभी दलों से सहयोग मांगा ताकि आगामी चुनाव शांति, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
73 वर्षीय सुशीला कार्की पिछले महीने तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के पद से हटाए जाने के बाद नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने जेनरेशन ज़ेड आंदोलन के दौरान उठाए गए युवाओं के मुद्दों और भ्रष्टाचार से संबंधित चिंताओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तैयारियों पर जोर दिया।
मंत्री जगदीश खरेल ने बताया कि राजनीतिक दलों के साथ पांच घंटे तक चली बैठक में सभी दल चुनाव की प्रक्रिया में सहयोग के लिए तैयार नजर आए। बैठक में वित्त मंत्री रामेश्वर खनल, ऊर्जा मंत्री कुलमन घीसिंग, गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल, कृषि मंत्री मदन परियार और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल भी उपस्थित थे।
राजनीतिक दलों की ओर से इसमें शामिल हुए:
नेपाली कांग्रेस: गगन कुमार थापा, प्रकाश शरण महत
सीपीएन यूएमएल: शंकर पोखरेल, प्रदीप ग्यावली
सीपीएन (माओवादी सेंटर): बर्षा मान पुन, पम्फा भुसाल
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी: स्वर्णिम वागले, शोभिता गौतम
सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट): राजेंद्र पांडे, प्रकाश ज्वाला
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी: राजेंद्र गुरुंग, मोहन श्रेष्ठ
जनता समाजवादी पार्टी: उपेन्द्र यादव, प्रकाश अधिकारी
इसके अलावा जेनरेशन ज़ेड आंदोलन में घायल हुए लोगों के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की और सरकार को भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी। प्रतिनिधिमंडल के नेता रूपिन खड़का ने सरकार से पूछा कि आंदोलन के दौरान जिन लोगों के खिलाफ विरोध किया गया था, वे अभी भी क्यों स्वतंत्र हैं। प्रधानमंत्री कार्की ने आश्वासन दिया कि सरकार कानून और प्रक्रियाओं के दायरे में रहते हुए कार्रवाई करेगी।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जेनरेशन ज़ेड आंदोलन की भावना से अलग नहीं होगी और चुनाव समय पर आयोजित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार की जाँच जारी रहेगी और लोकतंत्र के मजबूत होने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।