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हिमाचल में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: वोटर लिस्ट में लापरवाही पर दो सब इंस्पेक्टर और सात पंचायत सचिव सस्पेंड

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हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने मतदाता सूची (Voter List) तैयार करने में लापरवाही बरतने पर दो पंचायत सब इंस्पेक्टर और सात पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयोग ने कहा कि इन अधिकारियों ने दिए गए आदेशों की खुलेआम अवहेलना की, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा।

आयोग ने 20 से 26 सितंबर के बीच सभी ग्राम सभाओं को निर्देश दिया था कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि लोग अपने नाम और विवरण की जांच कर सकें। लेकिन कई जगह यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जिससे मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठे।

स्टेट इलेक्शन कमिश्नर अनिल खाची ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द मांगी गई है और फिलहाल सभी निलंबित कर्मियों को जिला पंचायत कार्यालय (DPO) में मुख्यालय निर्धारित किया गया है।

इसी के साथ आयोग ने भरमौर के बीडीओ अभिषेक मित्तल (HAS) और निहरी के बीडीओ मनमोहन शर्मा को शो कॉज नोटिस भी जारी किया है। आयोग ने साफ कहा है कि यदि इन अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आयोग इस लापरवाही को “गंभीर प्रशासनिक त्रुटि” मान रहा है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ग्राम सभा में प्रस्तुत न होने से स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट की प्रक्रिया पारदर्शी और जनसहभागिता पर आधारित है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में 3577 पंचायतों, 7 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 37 नगर पंचायतों में दिसंबर 2025 में चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आगे किसी भी स्तर पर चूक पाई गई तो तत्काल निलंबन या कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम आयोग की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

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