भाई दूज पर मथुरा में उमड़ा आस्था का सैलाब: भाई-बहन ने यमुना में किया स्नान, यम की फांस से मुक्ति की कामना
मथुरा/23/10/2025
मथुरा। पवित्र बृजधाम मथुरा में भाई दूज के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्राम घाट सहित यमुना किनारे के सभी घाटों पर सुबह से ही आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र स्नान किया और भाई-बहनों ने परंपरा के अनुसार एक-दूसरे का हाथ पकड़कर डुबकी लगाई। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भाई और बहन यदि साथ स्नान करते हैं, तो उन्हें यमराज की फांस से मुक्ति मिलती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज और उनकी बहन यमुना ने यम द्वितीया के दिन एक साथ स्नान किया था। उसी समय यमराज ने अपनी बहन से वचन लिया था कि जो भी भाई-बहन इस दिन एक साथ यमुना में स्नान करेंगे, उन्हें मृत्यु के भय से मुक्ति मिलेगी। तभी से यह परंपरा युगों से चली आ रही है।
विश्राम घाट पर तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। गुजरात, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ यमुना में डुबकी लगाते दिखाई दिए। भाई-बहनों ने स्नान के बाद यमराज मंदिर में पूजा-अर्चना की और यमुना मैया को वस्त्र, श्रृंगार सामग्री और दीप अर्पित किए।
घाटों पर पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भरा नजर आया। “भाई दूज की जय” और “यमुना मैया की जय” के जयकारों से पूरा विश्राम घाट गूंज उठा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर दीपदान भी किया और यमराज को काला वस्त्र अर्पित कर परिवार की सुख-शांति की कामना की।
प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यमुना में करीब 25 फीट तक स्नान क्षेत्र निर्धारित किया गया था, वहीं पीएसी गोताखोरों और जल पुलिस की टीम हर घाट पर तैनात रही। महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता केंद्र भी बनाए गए थे।
स्नान के दौरान भाई-बहनों के बीच का स्नेह और अपनापन देखने लायक था। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र की दुआ मांगी, वहीं भाइयों ने बहनों की खुशियों की कामना की। मथुरा की पावन धरती पर यह पावन पर्व प्रेम, विश्वास और परंपरा का ऐसा संगम बना, जिसने हर दिल को छू लिया।