शिकारी माता मंदिर ट्रिप में भटके 9 श्रद्धालु, SDRF बनी देवदूत — रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन से बचीं सभी की जानें
मंडी/24/10/2025
मंडी (हिमाचल प्रदेश)। देवभूमि हिमाचल में एक परिवार के लिए श्रद्धा का सफर किसी डरावने सपने में बदल गया, लेकिन वक्त पर पहुंचे SDRF जवानों ने उन्हें मौत के मुंह से निकाल लिया। मंडी जिले के जंजैहली इलाके में शिकारी माता मंदिर के दर्शन के बाद लौट रहे 9 लोगों का समूह जंगल में रास्ता भटक गया। इनमें महिलाएं, बच्चे और एक रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल भी शामिल थे। ठंड और अंधेरे में पूरी रात जंगल में फंसे इस परिवार को शुक्रवार सुबह सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सुंदरनगर के डडोर निवासी सेवानिवृत्त प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार अपने परिवार सहित शिकारी देवी मंदिर के दर्शन को निकले थे। 23 अक्टूबर को वे एक स्थानीय होमस्टे में रुके और अगले दिन मंदिर के लिए रवाना हुए। दर्शन करने के बाद लौटते वक्त उन्होंने स्थानीय युवती आरती के कहने पर जंगल के पुराने पैदल रास्ते से बूढ़ा केदार की ओर लौटने का फैसला लिया, लेकिन घना कोहरा और बारिश के कारण सभी रास्ता भटक गए।
शाम पांच बजे तक परिवार का मोबाइल संपर्क टूट गया। जब देर रात तक वे वापस नहीं लौटे, तो होमस्टे संचालक ने पुलिस और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद जंजैहली थाना पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड, और राजस्व विभाग की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुट गईं। रातभर चले अभियान में ठंड और पहाड़ी रास्तों की कठिनाई के बावजूद जवानों ने हार नहीं मानी।
लगातार खोज के बाद सुबह करीब 6:30 बजे सभी को रुहाड़ा क्षेत्र के पास सुरक्षित ढूंढ लिया गया। मौके पर एसडीएम थुनाग मनु वर्मा स्वयं मौजूद रहीं और पूरी रात बचाव कार्य की निगरानी करती रहीं। टीमों ने समन्वय के साथ कठिन परिस्थितियों में यह रेस्क्यू अभियान पूरा किया।
फंसे लोगों में प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार, उनकी पत्नी विद्या देवी, बेटा जगमोहन, बहू शिवानी, रिश्तेदार हरीश कुमार, रश्मि, अयारा, त्रिकुंज और आरती शामिल थे। सभी सकुशल अपने घर लौट आए हैं।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते यह अभियान किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। ग्रामीणों ने SDRF जवानों को “देवदूत” बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की।