कांग्रेस सरकार की युवा विरोधी नीतियों से हिमाचल के 6 लाख बेरोजगार युवाओं की परेशानी बढ़ी : सुधीर शर्मा
धर्मशाला | भाजपा नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार की युवा विरोधी नीतियों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार और उसके मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में अग्रिम भूमिका निभा रही है।
सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश में लगभग 10,000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है और डेढ़ लाख स्वीकृत पदों को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति न होने के कारण नए युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा है। कई मामले सामने आए हैं, जहां निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों के पदों पर उनके मित्रों की “बैक डोर एंट्री” कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 593,457 युवा बेरोजगार हैं। 2021-22 में बेरोजगारी दर 4% थी, जो अब बढ़कर 6% हो गई है। प्रदेश की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में 1007 कंप्यूटर साइंस प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
सुधीर शर्मा ने केंद्र सरकार की पहलों की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में युवाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रोजगार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना', कौशल भारत मिशन और राष्ट्रीय करियर सेवा जैसे मंच युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार से पूछा कि क्या वह युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए गंभीर हैं या केवल प्रत्यक्ष आलोचना में समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।