शिमला में दृष्टिहीनों का हल्ला बोल: सचिवालय के बाहर सुक्खू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सरकारी नौकरी की मांग तेज
शिमला/27/10/2025
शिमला में सोमवार को हिमाचल प्रदेश के दृष्टिहीन युवाओं ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लंबे समय से रोजगार की मांग कर रहे ये प्रदर्शनकारी सचिवालय के बाहर एकजुट होकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांग है कि दिव्यांग कोटे के तहत खाली पड़े पदों को भरा जाए और दृष्टिहीन उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जाएं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सचिवालय के मुख्य द्वार पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बेरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले 700 दिनों से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। उनका कहना है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, जिन पर अब तक नियुक्तियां नहीं की गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब मजबूर होकर उन्हें एक बार फिर सड़क पर उतरना पड़ा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे और सचिवालय का घेराव भी करेंगे।
इससे पहले भी दृष्टिहीन संगठन कई बार शिमला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने आंदोलन को “अविरल संघर्ष” का नाम दिया है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय और रोजगार का अधिकार नहीं मिलता, तब तक यह धरना जारी रहेगा।