मंडी-जालंधर हाईवे पर बोले विधायक चंद्रशेखर: काम की क्वालिटी बेहतर, पर निर्माण की रफ्तार अभी धीमी
मंडी/27/10/2025
मंडी — हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन मंडी-जालंधर नेशनल हाईवे को लेकर लंबे समय से जारी विवाद और सुस्ती के बीच अब कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने इसका ताज़ा अपडेट साझा किया है। करीब डेढ़ महीने पहले 9 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने कहा कि अब परियोजना की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दिख रहा है, लेकिन निर्माण की गति अभी भी उम्मीद के अनुरूप नहीं है।
विधायक ठाकुर ने बताया कि यह 900 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना बीते साढ़े तीन वर्षों से अधर में लटकी हुई थी। कार्यों में लगातार लापरवाही और अनियमितताओं के चलते उन्हें मजबूरन आमरण अनशन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अनशन के बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को बदलने के साथ-साथ एक नई निगरानी समिति का गठन किया है, जो अब पूरे निर्माण कार्य पर नज़र रख रही है।
उन्होंने बताया कि अब जिस कंपनी को ठेका मिला है, वही काम पूरा करेगी — किसी अन्य कंपनी को सबलेट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि काम की रफ्तार अभी धीमी है, लेकिन भविष्य में इसमें तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। चंद्रशेखर ठाकुर ने कहा कि स्थानीय लोग भी अब सड़क की गुणवत्ता में सुधार महसूस कर रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि दबाव के बाद सिस्टम ने गंभीरता दिखाई है।
विधायक ने साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें मेडिकल यूनिवर्सिटी को सरकाघाट शिफ्ट करने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित में है, क्योंकि सरकाघाट क्षेत्र में कोई बड़ा संस्थान नहीं है। यहां पहले से कई भवन खाली हैं, जिन्हें अस्थायी कैंपस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ठाकुर ने कहा, “इस यूनिवर्सिटी का मेडिकल कॉलेज या आम जनता के कामकाज से सीधा संबंध नहीं है, इसलिए इसे सरकाघाट में खोलना तर्कसंगत और व्यावहारिक कदम है।”
विधायक ने उम्मीद जताई कि सरकार और विभाग अब इस दिशा में गंभीर रहेंगे, ताकि हाईवे निर्माण तय समय में पूरा हो सके और सरकाघाट क्षेत्र में शिक्षा व विकास की नई दिशा मिल सके।